योगी सरकार के 9 साल : वाराणसी मंडल में 6021 करोड़ के निवेश से 259 इकाइयां चालू, 14,842 लोगों को मिला रोजगार

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वाराणसी। कभी पिछड़ेपन और पलायन की पहचान रहे पूर्वांचल की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। योगी सरकार की औद्योगिक नीतियों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते वाराणसी मंडल में उद्योगों को नई उड़ान मिली है। वर्तमान में 6021.276 करोड़ रुपये के निवेश से 259 औद्योगिक इकाइयां संचालित हो चुकी हैं, जिससे 14,842 लोगों को रोजगार मिल रहा है।

निवेशकों का बढ़ा भरोसा, 37 हजार करोड़ से ज्यादा के एमओयू
सरकारी नीतियों और बेहतर माहौल का असर इस बात से समझा जा सकता है कि वाराणसी मंडल के चार जिलों में 873 निवेशकों ने 37,531.78 करोड़ रुपये के एमओयू किए हैं। इन निवेश प्रस्तावों के जरिए लगभग 91 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे साफ है कि पूर्वांचल अब निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर ने दी रफ्तार
पिछले 9 वर्षों में प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ एक्सप्रेसवे, बेहतर कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी जैसे आयोजनों ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। अब निवेशक खुद पूर्वांचल की ओर रुख कर रहे हैं।

पलायन से रोजगार की ओर बढ़ता पूर्वांचल
जहां पहले पूर्वांचल के युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करते थे, वहीं अब स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। नई औद्योगिक इकाइयों के संचालन से न केवल रोजगार सृजन हो रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। पूर्वांचल अब उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा रहा है।

जिलेवार निवेश और औद्योगिक विकास
वाराणसी जिले में 203 एमओयू के जरिए 22,914.22 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 49,759 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां 86 इकाइयां पहले से संचालित हैं, जिनमें 4,447.19 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 7,983 लोगों को रोजगार मिला है।

चंदौली में 172 एमओयू के तहत 1,904.3 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 10,123 रोजगार सृजित होंगे। यहां 22 इकाइयां चालू हैं, जिनमें 244.19 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 2,002 लोगों को रोजगार मिला है।

गाजीपुर में 282 एमओयू के जरिए 3,229.16 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 11,834 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यहां 87 इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 355.08 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 2,755 लोगों को रोजगार मिला है।

जौनपुर में 216 एमओयू के तहत 9,484.1 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 19,483 लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां 64 इकाइयां चालू हैं, जिनमें 974.816 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 2,102 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

तेजी से बदल रहा पूर्वांचल का औद्योगिक परिदृश्य
संयुक्त आयुक्त उद्योग मोहन कुमार शर्मा के अनुसार, शेष औद्योगिक इकाइयां भी जल्द ही नियमानुसार संचालित होंगी। इससे स्पष्ट है कि पूर्वांचल अब पिछड़ेपन से निकलकर विकास और संभावनाओं के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

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