बरेका में कर्मचारी शिकायत निवारण कैंप में आईं 68 शिकायतें, 17 का मौके पर निस्तारण
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को कर्मचारी शिकायत निवारण कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप महाप्रबंधक आशुतोष पंत के दिशा-निर्देशन तथा प्रमुख कार्मिक अधिकारी लाल जी चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कैंप का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक पारदर्शी, सुलभ और संवेदनशील मंच उपलब्ध कराना था।
कार्मिक विभाग की ओर से आयोजित यह कैंप लोको डिवीजन के मीटिंग रूम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी/कर्मशाला एम. ए. अंसारी और सहायक कार्मिक अधिकारी/कर्मशाला पियूष मिंज के नेतृत्व में किया गया। कैंप को दो सत्रों प्रातः एवं अपराह्न में आयोजित किया गया, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रख सकें।

कैंप में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लेकर पदोन्नति, वेतन विसंगति, अवकाश, पास, सेवा अभिलेख तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं। कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए कार्मिक अनुभाग, लेखा अनुभाग और वेतन अनुभाग के पर्यवेक्षक एवं संबंधित डीलिंग स्टाफ भी मौके पर मौजूद रहे। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर समन्वित समाधान प्राप्त करने में सुविधा हुई।
कैंप के दौरान कुल 68 कर्मचारियों की शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 17 मामलों का तत्काल समाधान कर कर्मचारियों को मौके पर ही राहत प्रदान की गई। बाकी मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और उन पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस अवसर पर कार्मिक विभाग के सभी कल्याण निरीक्षक, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप यादव तथा परिषद के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से समस्याओं के समाधान में तेजी आती है और अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।
बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि प्रशासन समय-समय पर इस प्रकार के शिकायत निवारण कैंप आयोजित करता रहता है। उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास कर्मचारियों के विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ संस्थान में बेहतर समन्वय और संतोषजनक कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा देते हैं।

