फर्जी क्रेडिट कार्ड ऐप से 50 लाख की ठगी, 56 लोगों को बनाया शिकार, वाराणसी साइबर पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार

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वाराणसी। क्रेडिट कार्ड बनाने और उसकी लिमिट बढ़ाने के नाम पर फर्जी ऐप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का वाराणसी साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग अब तक 56 लोगों से करीब 50 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। कार्रवाई के दौरान 10 मोबाइल फोन, 200 फर्जी APK फाइल और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

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सारनाथ में बना रखा था फर्जी कॉल सेंटर
जांच में सामने आया कि आरोपी सारनाथ क्षेत्र में कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यहां से वे खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर विज्ञापन चलाकर क्रेडिट कार्ड बनवाने और लिमिट बढ़वाने का लालच देते थे। लोगों को विश्वास में लेकर उन्हें एक फर्जी एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया जाता था।

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ICICI बैंक के नाम से हूबहू फर्जी APK
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ICICI बैंक के क्रेडिट कार्ड के नाम से हूबहू मिलती-जुलती APK फाइल बनाकर लोगों को इंस्टॉल करवाते थे। एप इंस्टॉल होने के बाद उनके मोबाइल से बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली जाती थी और खातों से रकम उड़ा ली जाती थी।

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बलिया और देवघर के रहने वाले आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्तों में उत्तर प्रदेश के बलिया और झारखंड के देवघर के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और कई राज्यों में लोगों को निशाना बना चुका था। डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे और पीड़ितों की जानकारी मिल सकती है।

डीसीपी क्राइम का बयान
डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि साइबर पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर जांच की गई और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए गिरोह का पर्दाफाश किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक या एप्लीकेशन को डाउनलोड न करें और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।

साइबर ठगी के खिलाफ सतर्कता जरूरी
पुलिस ने कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली ठगी के मामलों में लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

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