बरेका ने बनाया वित्तीय वर्ष का 50वां अमृत भारत रेल इंजन, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की मिशाल
बरेका ने अब तक तैयार किए 11,531 रेल इंजन
आधुनिक तकनीक, बेहतर ब्रेकिंग प्रणाली और क्रैशवर्दी डिजाइन से लैस हैं अमृत भारत के लोकोमोटिव
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50वें अमृत भारत (पुश-पुल) लोकोमोटिव का निर्माण कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बरेका की इस उपलब्धि से भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है।
अमृत भारत ट्रेनों के संचालन के लिए तैयार किए जा रहे पुश-पुल लोकोमोटिव आधुनिक तकनीक से लैस हैं। ट्रेन के दोनों छोर पर लोकोमोटिव लगाए जाने से परिचालन में सुविधा होती है। इन इंजनों में अत्याधुनिक लोको कैब, सेमी-ऑटोमेटिक कपलर, क्रैशवर्दी डिजाइन और बेहतर ब्रेकिंग प्रणाली जैसी विशेषताएं शामिल हैं, जो इन्हें तकनीकी रूप से अधिक उन्नत बनाती हैं।

बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने इस उपलब्धि पर कहा कि कारखाने में निर्मित प्रत्येक लोकोमोटिव देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक है। अमृत भारत पुश-पुल लोकोमोटिव का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भगत की कोठी भेजे गए दो लोकोमोटिव
बरेका में निर्मित लोकोमोटिव संख्या 45336 और 45337 को उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर स्थित भगत की कोठी डीजल लोको शेड के लिए भेजा गया है। इन इंजनों के निर्माण से बरेका ने आधुनिक रेल इंजन उत्पादन के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता और दक्षता का परिचय दिया है।
अब तक 11,531 रेल इंजनों का निर्माण
बरेका ने अपनी स्थापना से अब तक कुल 11,531 रेल इंजनों का निर्माण किया है। इनमें 3,195 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, रेल परिचालन को आधुनिक बनाने और स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करने में बरेका के योगदान को रेखांकित करती है।

