काशी में एक घंटे में 50 मिलीमीटर बारिश, सड़कों पर जलभराव, भारी बारिश के आसार
पूर्वांचल के ऊपर से गुजर रही मानसून रेखा, रुक-रुककर होती रही बारिश, 5 डिग्री लुढका पारा
सोमवार रात 9 से 10 बजे के बीच हुई मूसलाधार बारिश, 20 मिनट में कई इलाकों की सड़कें लबालब, मंगलवार भोर तक रुक-रुककर होती रही बरसात
कैंट, सुंदरपुर, लहरतारा और मंडुआडीह में आवागमन प्रभावित, रथयात्रा और चांदपुर में भी सड़कों पर भरा पानी
बारिश से तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट, मानसूनी द्रोणी का पूर्वी छोर काशी-पूर्वांचल के ऊपर, अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना
वाराणसी। काशी में सोमवार की रात मानसून ने जमकर दस्तक दी। रात 9 से 10 बजे के बीच एक घंटे में करीब 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश के साथ चमकती बिजली और गरजते बादलों से लोग सहम उठे। महज 20 मिनट में ही कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। इसके बाद देर रात तक कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश होती रही। मंगलवार की भोर तक भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहा।
कैंट, सुंदरपुर, लहरतारा, मंडुआडीह, चांदपुर और रथयात्रा समेत कई इलाकों में बारिश के कारण सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया। वहीं रोहनिया और ग्रामीण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम जलभराव हुआ। बारिश के साथ तापमान में भी करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

33 से 28 डिग्री पर पहुंचा पारा
सोमवार रात 10 बजे के बाद तापमान 33 डिग्री से गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिले का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने सोमवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था। दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रही, जबकि शाम छह बजे के बाद से ही बारिश के आसार बनने लगे थे।
काशी के ऊपर से गुजर रही मानसूनी द्रोणी
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इन दिनों मानसूनी द्रोणी का पूर्वी छोर काशी और पूर्वांचल के ऊपर से गुजर रहा है। प्रदेश से निम्न दबाव क्षेत्र तक बनी यह द्रोणी मानसून को सक्रिय बनाए हुए है। इसके प्रभाव से काशी में पुरवा और पछुआ हवाओं के मिलने के कारण बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।

अगले दो दिन भारी बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। आगामी 24 घंटों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की भी संभावना है। इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पछुआ हवाओं की सक्रियता बढ़ने से बारिश की तीव्रता में कमी आने के आसार हैं।

