बिना अनुमति बीएचयू गेट पर धरना-प्रदर्शन पर 18 सपा कार्यकर्ताओं समेत 38 पर मुकदमा, सड़क जाम से एंबुलेंस फंसने का आरोप

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वाराणसी। बीएचयू सिंहद्वार पर बिना प्रशासनिक अनुमति धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले में लंका थाना पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के 18 नामजद कार्यकर्ताओं सहित 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे बीएचयू अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, तीमारदारों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होने की बात कही गई है।

पुलिस के अनुसार, यह मुकदमा लंका थाने के नगवां चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मंगलवार शाम चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ बीएचयू सिंहद्वार पर ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बिना किसी पूर्व अनुमति के बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी और मुख्य सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। इससे कुछ ही देर में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें सत्यप्रकाश सोनकर, हिमांशु यादव, प्रतीक यादव, अभिषेक गोप, सुजीत यादव, दीप चंद्र गुप्ता, राजू यादव, गोलू उपाध्याय उर्फ विष्णुकांत उपाध्याय, ईशांत श्रीवास्तव, विवेक, रमाकांत जायसवाल, लालू यादव, समन यादव, इस्तकबाल कुरैशी, सत्यम श्रीवास्तव, तनिष यादव, पूजा यादव और अमन यादव शामिल हैं। इसके अलावा 20 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, सड़क जाम होने से बीएचयू अस्पताल आने वाले गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे मरीजों की जान पर खतरा उत्पन्न होने जैसी स्थिति बनी। आम वाहनों और राहगीरों की आवाजाही भी लंबे समय तक प्रभावित रही।

लंका थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि वाराणसी शहर में धारा 163 बीएनएसएस लागू है, जिसके तहत बिना प्रशासनिक अनुमति किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, जुलूस या सार्वजनिक जमावड़ा प्रतिबंधित है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क जाम कर दिया। पुलिस द्वारा समझाने और मार्ग खाली करने का अनुरोध किए जाने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद कानून के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 20 अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उनकी भूमिका के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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