वाराणसी में मानक के विपरीत संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों पर वीडीए का शिकंजा, 19 कोचिंग और लाइब्रेरी सील
वाराणसी। विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहर में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं निर्धारित भवन मानकों का पालन किए संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 19 संस्थानों को सील कर दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा।
प्राधिकरण द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान विभिन्न जोनों में संचालित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया। जांच में कई संस्थान बिना स्वीकृत मानचित्र तथा आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के संचालित होते पाए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 19 संस्थानों को सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
विभिन्न जोनों में हुई कार्रवाई के अनुसार जोन-1 (शिवपुर एवं सिकरौल) में तीन, जोन-2 (सारनाथ, आदमपुर एवं जैतपुरा) में एक, जोन-4 (भेलूपुर एवं नगवां) में आठ तथा जोन-5 (रामनगर एवं मुगलसराय) में सात कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। सभी मामलों में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 के तहत सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
कार्रवाई के साथ ही वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक भी की। बैठक में उन्हें भवन निर्माण संबंधी मानकों, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, मानचित्र स्वीकृति तथा अन्य वैधानिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्थान को सुरक्षा मानकों से समझौता करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्राधिकरण ने सभी कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे भवन मानकों, अग्निशमन सुरक्षा प्रावधानों और आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियों का समय रहते अनुपालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वीडीए का कहना है कि शहर में सुरक्षित एवं नियमानुसार संचालित शैक्षणिक संस्थानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा।

