त्योहार पर बढ़ा मिलावटखोरी का खेल, सोनापापड़ी-पनीर के 14 नमूने फेल, 4.35 लाख जुर्माना
वाराणसी। दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज को लेकर बाजारों में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई है। त्योहारों पर मांग पूरी करने के लिए मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। पिछले छह महीने में सोनापापड़ी और पनीर समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 14 नमूने जांच में फेल मिले हैं। विभाग ने संबंधित कारोबारियों पर कुल 4.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने में जुटी है। विभाग की ओर से भेलूपुर, लक्सा, लहुराबीर, चौक, कैंट, अर्दली बाजार और पांडेयपुर समेत शहर के 2200 छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है। त्योहारी सीजन से पहले विभाग ने करीब 10 प्रतिशत दुकानों तक पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखी है।
अभियान के दौरान मिठाइयों, खोया, पनीर, दूध और चांदी के वर्क की जांच कर नमूने संग्रहित किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन लोगों के लिवर, किडनी और आंखों पर गंभीर असर डाल सकता है। इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
छह स्थानों पर छापेमारी, सात नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छह स्थानों पर छापेमारी कर सात नमूने लिए। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय एवं अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। अभियान में देवेश, रतनेश कुमार, सुनील कुमार और अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा समेत 11 खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे। टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में खाद्य पदार्थों में मिलावट बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावट पाए जाने पर दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

