गंगा का जलस्तर बढ़ा, 11वीं एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा, 24 घंटे निगरानी
वाराणसी। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए 11वीं एनडीआरएफ ने नदी क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ की टीमें 24 घंटे नदी क्षेत्र में तैनात हैं। बोट पेट्रोलिंग के साथ जवान लगातार गंगा के जलस्तर और परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
एनडीआरएफ के अनुसार रविवार को गंगा का जलस्तर 65 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में करीब छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। तेजी से बढ़ते पानी को देखते हुए जनसुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया गया है। एनडीआरएफ की टीमें नदी में आने-जाने वाले नाविकों, यात्रियों और आम लोगों को लगातार जागरूक कर रही हैं।

लोगों से जिला प्रशासन और जल पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने तथा अनावश्यक रूप से नदी में प्रवेश नहीं करने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी में जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं, किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की मेडिकल टीम भी वाटर एंबुलेंस के साथ गंगा क्षेत्र में 24 घंटे तैनात है। आपात स्थिति में नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ की टीमें गंगा के जलस्तर में हो रहे बदलाव और नदी की स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं। संभावित बाढ़, जल दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए जवानों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी तथा घाटों के संवेदनशील हिस्सों में जाने से बचें।

