काशी की श्री हनुमान ध्वजा यात्रा में शामिल होंगे 1100 गदाधारी भक्त, 23वें वर्ष में नया इतिहास रचेगी यात्रा
वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी एक बार फिर भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। भगवान श्रीराम के परम भक्त और भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हनुमान जी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्री हनुमत सेवा समिति, नेवादा द्वारा भव्य ‘श्री हनुमान ध्वज यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। 22 वर्षों की सफल परंपरा को पूरा कर यह यात्रा अब अपने 23वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, और इस बार इसे ऐतिहासिक बनाने की व्यापक तैयारी की गई है।
पत्रकार वार्ता के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष की यात्रा भव्यता, अनुशासन और सेवा के नए आयाम स्थापित करेगी। आयोजन में करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जो न केवल पूर्वांचल बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से काशी पहुंचेंगे।

1100 गदाधारी भक्त होंगे शामिल
यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण 1100 गदाधारी भक्त होंगे, जो अपने हाथों में गदा धारण कर भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही 5100 लाल-केसरिया ध्वज पूरे मार्ग को आस्था के रंग में रंग देंगे। यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगा, बल्कि काशी की सांस्कृतिक पहचान को भी और सशक्त करेगा।
250 से अधिक स्टॉल लगेंगे
भक्तों की सेवा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग पर 250 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। भिखारीपुर तिराहे से लेकर संकट मोचन हनुमान मंदिर तक के रास्ते में इन स्टॉलों पर फल, मिठाई, जूस, छाछ, लस्सी, फलाहार और ड्राईफ्रूट्स का वितरण किया जाएगा। समिति का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
100 से अधिक बटुक यात्रा में होंगे शामिल
यात्रा में सांस्कृतिक और धार्मिक रंग भरने के लिए 100 से अधिक डमरू वादकों का समूह भी शामिल होगा, जो शिव-शक्ति की ऊर्जा से वातावरण को गुंजायमान कर देगा। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु आकर्षक झांकियों के माध्यम से राम दरबार, शिव-पार्वती और हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत करेंगे।
भिखारीपुर तिराहे से शुरू होगी हनुमान ध्वज यात्रा
यह ऐतिहासिक यात्रा 02 अप्रैल 2026, गुरुवार को सुबह 7 बजे भिखारीपुर तिराहे से विधिवत पूजन और भव्य आरती के बाद प्रारंभ होगी। हजारों श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा में शामिल होकर संकट मोचन दरबार में मत्था टेकेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
अलग-अलग स्थानों से पहुंचेंगे भक्त
समिति के 8 उप-कार्यालयों रामसिंहपुर, अदलपुरा, कोनियां, शिवरतनपुर, लखरांव, बजरडीहा और डाफी से भी भक्तों के जत्थे इस यात्रा में शामिल होंगे, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त, 501 किलोग्राम शुद्ध देसी घी के लड्डुओं का प्रसाद तैयार किया जा रहा है, जिसे श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्य, कोषाध्यक्ष अजय मौर्य और संरक्षक डॉ. सन्तोष ओझा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी की अटूट आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा के माध्यम से विश्व कल्याण की कामना की जाएगी और हनुमान जी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए जाएंगे।

