श्री काशी विश्वनाथ धाम में ‘तिरुवासगम’, तमिलनाडु के 110 श्रद्धालुओं ने तमिल में किया अखंड पाठ
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सोमवार को एक विशेष प्रार्थना आयोजन भक्ति और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर तमिलनाडु से आए 110 श्रद्धालुओं के समूह अम्माचियारम्मन तिरुवासगम संपूर्ण पाठ प्रार्थना समूह ने सामूहिक रूप से भाग लिया। इस दल का नेतृत्व जी. मुथुमदासामी ने किया।

आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुवासगम’ का संपूर्ण पाठ एक सतत क्रम में किया। इस ग्रंथ में कुल 658 गीत शामिल हैं, जिन्हें महान संत माणिक्कवाचगर द्वारा रचित माना जाता है। यह ग्रंथ भगवान शिव के प्रति गहन भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।

करीब साढ़े पांच घंटे तक चले इस विशेष पाठ के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरी निष्ठा, अनुशासन और शांतिपूर्ण ढंग से भगवान शिव की आराधना की। मंदिर प्रशासन द्वारा भी पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया।

इस धार्मिक आयोजन ने न केवल भक्ति की गहराई को दर्शाया, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं के बीच सांस्कृतिक एकता और समन्वय का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। काशी की पावन धरती पर इस तरह के आयोजन भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को और सुदृढ़ करते हैं।


