विनेश फोगाट ने डब्ल्यूएफआई के आरोपों को बताया गलत, कहा-महासंघ ने मेरे ब्रेक और वापसी की समयसीमा को गलत तरीके से समझा
नई दिल्ली, 11 मई (हि.स.)। भारतीय स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के कारण बताओ नोटिस और प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर बड़ा बयान दिया है। विनेश ने कहा कि महासंघ ने उनके खेल से लिए गए ब्रेक और वापसी की समयसीमा को गलत तरीके से समझा है। उन्होंने साफ किया कि उन्हें 01 जनवरी 2026 से ही आधिकारिक तौर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में वापसी की अनुमति मिल चुकी है।
विनेश ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए पात्र हैं, क्योंकि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने खेल से उनके ब्रेक और उसके बाद वापसी की समयसीमा को गलत तरीके से समझा है।
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता विनेश को महासंघ की ओर से 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए। साथ ही उन्हें 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके चलते पेरिस ओलंपिक के बाद लिए गए “सैबेटिकल” के बाद नंदिनी नगर महाविद्यालय परिसर में चल रहे सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में 57 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की उनकी कोशिश को झटका लगा।
15 पन्नों के कारण बताओ नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने पेरिस ओलंपिक में 50 किलोग्राम फाइनल में पहुंचने के बाद दूसरे दिन वजन सीमा पूरी नहीं कर पाने के मुद्दे को उठाया। महासंघ ने कहा कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के नियमों के तहत विनेश “कर्तव्यबद्ध” थीं कि वह तय वजन सीमा बनाए रखें और उनकी अयोग्यता के कारण पदक का नुकसान हुआ। साथ ही डब्ल्यूएफआई की छवि को भी नुकसान पहुंचा।
हरियाणा की 31 वर्षीय पहलवान ने कहा कि वह अपने कानूनी सलाहकारों और टीम से चर्चा के बाद अगले 14 दिनों के भीतर नोटिस में किए गए हर दावे का विस्तृत जवाब देंगी। हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबे पोस्ट में कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण भी दिया।
विनेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, “डब्ल्यूएफआई ने खेल से मेरे सैबेटिकल और उसके बाद ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में वापसी की समयसीमा को गलत तरीके से समझा है। डब्ल्यूएफआई द्वारा नोटिस में बताई गई तारीख 26 जून 2026 के विपरीत, मुझे 01 जनवरी 2026 से आधिकारिक ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में वापसी के लिए पात्र माना गया है। मेरे पास इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) की आधिकारिक पुष्टि है। आईटीए वह एजेंसी है जिसे अंतरराष्ट्रीय महासंघ यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने नियुक्त किया है और जो कुश्ती में डोपिंग नियंत्रण से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्था है।”
उन्होंने आगे लिखा, “इसलिए मैं 10-12 मई 2026 के बीच गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए पात्र हूं। मैंने इसके लिए अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है और मैं इस टूर्नामेंट में भाग लेकर प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में मैट पर वापसी करना चाहती हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कोई डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
उन्होंने लिखा, “सितंबर 2024 में वेयरअबाउट्स फेलियर और दिसंबर 2025 में मिस्ड टेस्ट के संबंध में मैं पुष्टि करती हूं कि मैंने संबंधित परिणाम प्रबंधन अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग किया है और ये दोनों घटनाएं राष्ट्रीय डोपिंग रोधी नियम 2021 या वाडा कोड 2021 के तहत डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन नहीं मानी जाती हैं।” 2024 ओलंपिक क्वालीफायर ट्रायल्स के दौरान दो वजन वर्गों में भाग लेने के मामले पर विनेश ने कहा कि उस समय किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
उन्होंने कहा, “यह आरोप भी गलत है कि मैंने एनआईएस पटियाला में आयोजित 2024 चयन ट्रायल्स में दो अलग-अलग वजन वर्गों में हिस्सा लेकर नियमों का उल्लंघन किया। उस समय डब्ल्यूएफआई का संचालन कर रही एड-हॉक समिति मेरी भागीदारी से पूरी तरह अवगत थी और उन्होंने मुझे भाग लेने की अनुमति देते समय कोई आपत्ति नहीं जताई थी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

