खेलो इंडिया के कारण युवा एथलीटों में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धी भावना आई : अंकुशिता

खेलो इंडिया के कारण युवा एथलीटों में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धी भावना आई : अंकुशिता


खेलो इंडिया के कारण युवा एथलीटों में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धी भावना आई : अंकुशिता


गुवाहाटी, 12 फरवरी (हि.स.)। 19 फरवरी से खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी) 2023 के चौथे संस्करण की मेजबानी के लिए तैयार है। ऐसे में असम निवासी पूर्व युवा विश्व मुक्केबाजी चैंपियन अंकुशिता बोड़ो मानती हैं कि यह आयोजन राज्य के युवा एथलीटों को ढेर सारा अनुभव प्रदान करेगा।

अंकुशिता ने पिछली बार वर्ष 2020 में असम की मेजबानी में पहली बार हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स (केआईवाईजी) में स्वर्ण पदक जीता था। इस आयोजन में अपने प्रदर्शन को करियर बदलने वाला बताया। अंकुशिता मानती हैं कि वर्ष 2017 के युवा विश्व खिताब के बाद उनके प्रदर्शन में गिरावट आई थी। लेकिन खेलो इंडिया यूथ गेम्स के बाद उनके अपनी पूर्व की फार्म फिर से वापस पाई है।

अंकुशिता ने कहा कि मुझे गुवाहाटी में खेलो इंडिया यूथ गेम्स हमेशा याद रहेंगे, जहां मैंने स्वर्ण पदक जीता था। प्रदर्शन के मामले में यह मेरे लिए एक नई शुरुआत थी। अपनी व्यक्तिगत अनुभव से, मैं कह सकती हूं कि खेलो इंडिया मंच अंडर-18 दिनों से ही एक ज़बरदस्त प्रतिस्पर्धी भावना लेकर आया है।

अंकुशिता ने कहा कि मुझे यकीन है कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का यह संस्करण अलग नहीं होगा। 200 विश्वविद्यालयों के लगभग 4,500 एथलीट इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इसमें अंतर- विश्वविद्यालय प्रतिद्वंद्विता, अंतर- राज्यीय प्रतिद्वंद्विता (एक राज्य के एथलीटों का एक-दूसरे के विश्वविद्यालयों के खिलाफ मुकाबला) आयोजित होंगे, जिससे इस प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बना देंगे।

सरकार की एकीकृत खेल नीति के लाभार्थियों में से एक अंकुशिता को दो साल पहले गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों से स्वर्ण पदक जीतकर लौटने के बाद खेल और युवा कल्याण निदेशालय के तहत तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्त किया गया है।

खेलों के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए इस शीर्ष मुक्केबाज ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के लिए बहुत सहायक रही है, लेकिन जब नीति के तहत नौकरियां प्रदान करने की बात आती है वह इसमें आगे रही है। सरकार ने कम सुविधा प्राप्त परिवारों के खिलाड़ियों को सुरक्षित भविष्य के लिए खेल में करियर बनाने का सपना देखने के लिए प्रोत्साहित किया है।

शोणितपुर जिले के मेघाई जरानी गांव की निवासी अंकुशिता ने अपने शुरुआती दिनों के दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) गोलाघाट से मिले सपोर्ट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण गोलाघाट के कई एथलीट हैं, जिन्होंने राज्य और देश का नाम रोशन किया है। मैं अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान मेरे करियर को आकार देने के लिए केंद्र का हमेशा आभारी रहूंगी।

आगामी खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के सफल आयोजन को लेकर अपना विश्वास व्यक्त करते हुए अंकुशिता ने कहा कि इस तरह के बड़े आयोजनों की सफलतापूर्वक मेजबानी के पिछले अनुभव काम को आसान बना देंगे। उन्होंने कहा कि असम ने अतीत में ऐसे बड़े आयोजनों की सफलतापूर्वक मेजबानी की है, और इस बार, मुझे यकीन है कि राज्य सरकार इसे और भी बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध होगी।

उन्होंने कहा कि अगर हम असम में खेल के बुनियादी ढांचे की बात करें तो हम किसी भी तरह से देश की किसी भी खेल महाशक्ति से कम नहीं हैं। अंकुशिता के मुताबिक अमीनगांव में हाल ही में उद्घाटन किये गये राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए एक विश्व स्तरीय सुविधा है।

उन्होंने कहा कि मुक्केबाजों के लिए हमारे पास शहर में तथा सामान्य रूप से राज्य भर में कई बेहतरीन प्रशिक्षण सुविधाएं हैं। अन्य खेलों के लिए भी बुनियादी ढांचा समान रूप से अच्छा है और ऐसे आयोजनों की मेजबानी से इसे और बढ़ावा मिलेगा। केआईयूजी 2023 के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, 2022 एशियाई चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अंकुशित ने कहा कि यह प्रतिभागियों को असम और पूर्वोत्तर का अनुभव करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है, क्योंकि यह स्थान जातीय भोजन, संगीत, प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवन की एक विस्तृत श्रृंखला से समृद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार /श्रीप्रकाश/अरविंद

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