वलसाड के राहुल जाखड़ ने एशियन यू-20 एथलेटिक्स में डेकाथलॉन का गोल्ड जीत रचा इतिहास, बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

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वलसाड के राहुल जाखड़ ने एशियन यू-20 एथलेटिक्स में डेकाथलॉन का गोल्ड जीत रचा इतिहास, बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड


वलसाड के राहुल जाखड़ ने एशियन यू-20 एथलेटिक्स में डेकाथलॉन का गोल्ड जीत रचा इतिहास, बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड


वापी, 30 मई (हि.स.)। गुजरात के खेल जगत के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। वलसाड जिले के चरवाड़ा गांव के 18 वर्षीय युवा एथलीट राहुल जाखड़ ने हांगकांग (चीन) में आयोजित 22वीं एशियन यू-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में डेकाथलॉन स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। राहुल ने न केवल भारत को स्वर्ण पदक दिलाया, बल्कि अंडर-20 वर्ग में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

27 से 31 मई तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राहुल जाखड़ ने एथलेटिक्स की सबसे कठिन मानी जाने वाली डेकाथलॉन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। डेकाथलॉन में खिलाड़ियों को दो दिनों के दौरान 10 अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भाग लेना होता है, जिनमें 100 मीटर, 400 मीटर, 110 मीटर हर्डल्स, 1500 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जेवलिन थ्रो और पोल वॉल्ट शामिल हैं।

राहुल ने इन सभी स्पर्धाओं में बेहतरीन संतुलन और निरंतरता दिखाते हुए कुल 7,185 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ वह एशिया के सर्वश्रेष्ठ यू-20 डेकाथलीट बन गए हैं। साथ ही उन्होंने विश्व रैंकिंग में भी शीर्ष-8 खिलाड़ियों में स्थान बना लिया है।मैदान देखकर जागा था एथलीट बनने का सपना

मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले से संबंध रखने वाले राहुल का परिवार पिछले लगभग 30 वर्षों से वलसाड के वापी में रहकर निर्माण व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। राहुल की सफलता की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्मी कथा से कम नहीं है।

कुछ वर्ष पहले राहुल अपने पिता के साथ शाम के समय टहलने निकले थे। एक मैदान में खिलाड़ियों को अभ्यास करते देख उनके मन में एथलीट बनने की इच्छा जागी। अगले ही दिन उन्होंने भी दौड़ का अभ्यास शुरू कर दिया। बाद में स्कूल की ओर से खेल महाकुंभ में भाग लेकर लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीता, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी।राहुल ने अपने खेल करियर की शुरुआत बनासकांठा के गढ़ स्थित जिला स्तरीय खेल विद्यालय (DLSS) में कोच विपुल चौधरी के मार्गदर्शन में की। वर्ष 2024 में उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात (SAG) के नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में चयनित किया गया।

यहां कोच शिवम उपाध्याय, धर्मेंद्र परमार और सतेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में राहुल ने डेकाथलॉन की जटिल तकनीकों में महारत हासिल की। आज वही युवा, जो कभी मैदान के बाहर खड़े होकर खिलाड़ियों को देखा करता था, एशिया के विजेता मंच पर खड़ा होकर देश और गुजरात का नाम रोशन कर रहा है।राहुल जाखड़ ने अपनी सफलता का श्रेय गुजरात सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को देते हुए कहा, गुजरात सरकार ने हमें जो विश्वस्तरीय सुविधाएं और अवसर प्रदान किए हैं, उसी की बदौलत यह उपलब्धि संभव हो पाई है। अब मेरा अगला लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में भारत का तिरंगा लहराना है, जिसके लिए मैं दिन-रात मेहनत करने को तैयार हूं।राहुल जाखड़ की यह उपलब्धि साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर ग्रामीण स्तर से निकली प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतिहास रच सकती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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