थॉमस कप के सेमीफाइनल में हार के बाद भारत को कांस्य पदक, बीएआई ने बताया बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली, 03 मई (हि.स.)। भारतीय बैडमिंटन टीम को थॉमस कप 2026 के सेमीफाइनल में फ्रांस के विरूद्ध 3-0 से हार मिली। भारत को कास्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भारतीय बैडमिंटन संघ ने कहा कि भले ही पदक का रंग वह न हो जिसकी हमने उम्मीद की थी, लेकिन विश्व मंच पर कांस्य पदक हासिल करना भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा कि भले ही नतीजा हमारे पक्ष में नहीं रहा, लेकिन कोर्ट पर हमारा जोश और पक्के इरादे ने दुनिया को यह याद दिला दिया कि हम चैंपियन क्यों हैं। हम इस अनुभव से मिली सीख, यादें और कांस्य पदक अपने साथ घर ले जा रहे हैं। बीएआई ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि हम अब भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक। बैंकॉक 2022 से लेकर एक बार फिर पोडियम तक- थॉमस कप में भारत का दबदबा कायम है।
फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव, एलेक्स लैनियर और टोमा जूनियर पोपोव ने भारत के आयुष शेट्टी, किदांबी श्रीकांत और एच.एस. प्रणॉय के खिलाफ सीधे गेम में जीत हासिल की। इस मैच में भारत को स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन की कमी साफ महसूस हुई, जो चोट के कारण सेमीफाइनल में नहीं खेल पाए।
एकल के पहले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी विश्व के नंबर 4 खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव के सामने टिक नहीं पाए। फ्रांस के खिलाड़ी ने तेज गति और सटीकता का प्रदर्शन करते हुए जबरदस्त खेल दिखाया। पोपोव ने 21-11, 21-9 से जीत दर्ज कर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी।
दूसरे एकल मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का सामना फ्रांस के एलेक्स लैनियर से हुआ। श्रीकांत ने मुकाबले में कड़ी टक्कर दी, लेकिन लैनियर ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखते हुए 21-16, 21-18 से जीत हासिल की।
तीसरे एकल गेम में भारतीय टीम करो या मरो की स्थिति थी। यहां एच.एस. प्रणॉय का सामना फ्रांसीसी खिलाड़ी टोमा जूनियर पोपोव से हुआ। प्रणॉय ने शुरुआती बढ़त हासिल की, लेकिन पोपोव ने अपनी गति और नियंत्रण से मैच पलट दिया। इस कड़े मुकाबले में फ्रांस के खिलाड़ी ने प्रणॉय को 21-19, 21-16 से हराकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह

