भारत में कोचिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए एकीकृत ढांचे पर टास्क फोर्स की रिपोर्ट सौंपे जाने का ऐलान

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नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खेल विभाग द्वारा गठित टास्क फोर्स ने देश की कोचिंग व्यवस्था पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व भारतीय बैडमिंटन के राष्ट्रीय मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने किया।

रिपोर्ट में कोच शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े अहम पहलुओं—जैसे प्रशिक्षकों की गुणवत्ता व उपलब्धता, कोचिंग शिक्षा में अकादमिक सुधार और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के उपाय—पर विस्तार से अध्ययन किया गया है। टास्क फोर्स ने देशभर में खेल प्रशिक्षकों के विकास, मान्यता और पेशेवरकरण के लिए एक समग्र राष्ट्रीय ढांचा प्रस्तुत किया है।

रिपोर्ट में नेशनल कोच एक्रिडिटेशन बोर्ड (एनसीएबी) की स्थापना का सुझाव दिया गया है, जो कोच शिक्षा, मान्यता और प्रशासन के लिए शीर्ष राष्ट्रीय संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह बोर्ड राष्ट्रीय मानक तय करने, कोचिंग पाथवे को मंजूरी देने, संस्थानों को मान्यता प्रदान करने और सभी खेलों व क्षेत्रों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

इसके साथ ही स्तरीय राष्ट्रीय कोचिंग पाथवे प्रस्तावित किया गया है, जिसमें ग्रासरूट, इंटरमीडिएट, एलीट और नेशनल टीम कोच स्तर शामिल होंगे। इसमें लेवल-0 को सभी के लिए प्रवेश स्तर के रूप में रखा गया है। यह व्यवस्था पूर्व खिलाड़ियों, शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और खेल विज्ञान स्नातकों को विभिन्न मार्गों से आगे बढ़ने का अवसर देगी।

टास्क फोर्स ने प्रैक्टिस-फर्स्ट कोच एजुकेशन मॉडल पर भी जोर दिया है, जिसमें प्रशिक्षण का अधिकांश भाग फील्ड अनुभव, मेंटर्ड इंटर्नशिप और सुपरवाइज्ड कोचिंग प्रैक्टिस पर आधारित होगा। कुल 1,800 घंटों के प्रशिक्षण में लगभग 78 प्रतिशत समय व्यावहारिक प्रशिक्षण को दिया जाएगा।

कोचों के लिए टॉप्स की तर्ज पर “टॉप्स फॉर कोचेज” मॉडल का भी प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत प्रतिभाशाली और सफल कोचों को वित्तीय सहायता, उन्नत प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा, खेल विज्ञान आधारित निर्णयों को सशक्त बनाने के लिए 24×7 नेशनल स्पोर्ट्स साइंस हेल्पलाइन शुरू करने की सिफारिश की गई है। यह हेल्पलाइन विशेषज्ञों की टीम के जरिए चोट रोकथाम, पोषण, प्रशिक्षण प्रबंधन और प्रदर्शन विश्लेषण पर त्वरित सलाह देगी।

यह रिपोर्ट युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है और आने वाले वर्षों में भारत की कोचिंग व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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