एशियन खेल 2026ः अमन ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में रचा इतिहास, विश्व चैंपियन को हराकर जीता स्वर्ण

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एशियन खेल 2026ः अमन ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में रचा इतिहास, विश्व चैंपियन को हराकर जीता स्वर्ण


अमन ने भारत को दिलाया 20वां स्वर्ण, यह आज का चौथा स्वर्ण है

आइची-नागोया, 03 अक्टूबर (हि.स.)। भारत के अमन सहरावत ने एशियाई खेल 2026 में पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में उत्तर कोरिया के मौजूदा विश्व चैंपियन हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। यह एशियाई खेलों में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

विश्व रैंकिंग में 32वें स्थान पर मौजूद अमन ने फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त और 2025 विश्व चैंपियन हान चोंग सोंग को अंकों के आधार पर 11-7 से हराया। मुकाबला शुरुआत में बेहद करीबी रहा और दोनों पहलवान शुरुआती दौर में बराबरी पर रहे। अमन ने सबसे पहले अंक हासिल कर बढ़त बनाई।

चोट के कारण मुकाबला कुछ देर रुकने के बाद अमन ने तेजी से बढ़त बनाई और देखते ही देखते 6-1 से आगे हो गए। हालांकि, एक और चोट के कारण खेल रुकने के बाद उत्तर कोरियाई पहलवान ने जोरदार वापसी की। उसने अमन को लगातार पटखनी देकर बढ़त हासिल कर ली।

मुकाबला निर्णायक दौर में पहुंच चुका था लेकिन आखिरी मिनट से भी कम समय रहते अमन ने शानदार दांव लगाकर हान चोंग सोंग को पलटा और अहम अंक हासिल किए। इसके बाद भारतीय पहलवान ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 11-7 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

अमन का एशियाई खेलों में दूसरा पदक

अमन सहरावत का यह एशियाई खेलों में दूसरा पदक है। उन्होंने 2022 में हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में इसी वर्ग में कांस्य पदक जीता था। हान चोंग सोंग ने भी हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया था।

इस स्वर्ण के साथ अमन ने एशियाई खेलों में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत के लिए पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया। यह इन खेलों में फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले सुजीत कालकल ने स्वर्ण पदक जीता था। भारत के लिए यह एशियाई खेल 2026 का कुल चौथा कुश्ती पदक है।

कम उम्र में माता-पिता को खोया, कुश्ती ने दी नई दिशा

अमन सहरावत ने बेहद कठिन व्यक्तिगत परिस्थितियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने 11 साल की उम्र तक अपने माता और पिता दोनों को खो दिया था। इसके बाद कुश्ती उनके जीवन में लक्ष्य और सहारे का माध्यम बनी। ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार से प्रेरित होकर वह 10 साल की उम्र में दिल्ली के प्रसिद्ध छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने पहुंचे, जहां कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी आक्रामक कुश्ती शैली को विकसित किया।

2022 में अमन ने स्पेन में अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वह इस प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने। इसके बाद 2023 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कजाखस्तान में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने वरिष्ठ स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई।

पेरिस ओलंपिक में रचा था इतिहास

अमन का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पड़ाव 2024 पेरिस ओलंपिक रहा। भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान के रूप में उतरे अमन ने 57 किग्रा वर्ग में प्यूर्टो रिको के डेरियन क्रूज को हराकर कांस्य पदक जीता। उस समय 21 साल और 24 दिन की उम्र में वह व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बने थे।

अब एशियाई खेल 2026 में विश्व चैंपियन को हराकर अमन ने अपने पदकों के संग्रह में एक ऐतिहासिक स्वर्ण भी जोड़ लिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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