शूटिंग लीग ऑफ इंडिया: सक्रिय निशानेबाज़ों की अनोखी फ्रेंचाइज़ी बनी मुंबई एक्स कैलिबर्स

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शूटिंग लीग ऑफ इंडिया: सक्रिय निशानेबाज़ों की अनोखी फ्रेंचाइज़ी बनी मुंबई एक्स कैलिबर्स


नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)।

भारतीय खेलों में फ्रेंचाइज़ी ओनरशिप आमतौर पर बोर्डरूम तक सीमित रहती है, लेकिन आगामी शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (एसएलआई) में हिस्सा लेने जा रही मुंबई एक्स कैलिबर्स इस सोच से बिल्कुल अलग राह पर चल रही है। इस फ्रेंचाइज़ी की सबसे खास बात यह है कि इसके तीनों मालिक खुद सक्रिय शूटर्स हैं—जो भारतीय पेशेवर खेलों में अब तक देखने को नहीं मिला।

रोनक पंडित, जो 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल (पेयर) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, इन दिनों दिल्ली में चल रही 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता में अपने सह-मालिक जाहिर हवा के साथ हिस्सा ले रहे हैं। उनके साथ भारतीय निशानेबाज़ फैयाज़ विरानी भी इस फ्रेंचाइज़ी के सह-मालिक हैं। खिलाड़ी और मालिक—दोनों भूमिकाओं में सक्रिय रहना भारतीय खेलों में एक अभूतपूर्व उदाहरण है।

25 साल से अधिक समय से शूटिंग से जुड़े जाहिर हवा के लिए इस लीग में निवेश करना एक स्वाभाविक फैसला था। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा,“जैसे ही मैंने लीग के बारे में सुना, मैंने तय कर लिया कि इसका हिस्सा बनना है। शूटिंग से मेरा गहरा लगाव है। इस उम्र में खेल से जुड़े रहने और उसे कुछ लौटाने का यह सबसे बेहतर तरीका है।”

रोनक पंडित के अनुसार, शूटिंग लीग का मकसद सिर्फ कुछ दिनों की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह लीग केवल दो हफ्तों के टूर्नामेंट के बारे में नहीं है। यह खेल को ज्यादा सुलभ बनाने और टैलेंट पूल को बड़ा करने का मंच है, ताकि लंबे समय में फायदा निशानेबाज़ों को मिले।”

मुंबई एक्स कैलिबर्स के मालिक सिर्फ एक मजबूत टीम ही नहीं, बल्कि मुंबई शहर की पहचान को भी फ्रेंचाइज़ी में उतारना चाहते हैं।

जाहिर हवा ने कहा, “टीम को अपने शहर की आत्मा को दर्शाना चाहिए। तभी लोग उससे जुड़ते हैं। मुंबई की अपनी एक ऊर्जा और महत्वाकांक्षा है, जिसे हम फ्रेंचाइज़ी के हर पहलू में दिखाना चाहते हैं।”

इस बात को आगे बढ़ाते हुए रोनक पंडित ने कहा,“फैंस सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि शहर, भाषा, रंग और मूल्यों से जुड़ाव के कारण टीम को सपोर्ट करते हैं। हमारी पहचान के केंद्र में मुंबई की संस्कृति और वाइब है।”

टीम के नाम को लेकर पंडित ने बताया,“‘एक्स कैलिबर्स’ नाम जाहिर हवा की बेटी ने सुझाया था। ‘एक्सकैलिबर’ एक पौराणिक तलवार है, जबकि ‘कैलिबर’ शूटिंग से जुड़ा शब्द है। दोनों विचारों का मेल हमें पसंद आया और यहीं से ‘मुंबई एक्स कैलिबर्स’ नाम सामने आया।”

खुद सक्रिय खिलाड़ी होने के कारण मुंबई एक्स कैलिबर्स के मालिकों को खेल की गहरी समझ है। वे दबाव, फॉर्मेट और खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति को सिर्फ दर्शक के तौर पर नहीं, बल्कि खिलाड़ी के रूप में समझते हैं।

जाहिर हवा ने कहा,“क्योंकि हम अब भी खेल रहे हैं, हमें पता है कि अलग-अलग हालात में खिलाड़ी कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं, लेकिन यह हमें थोड़ी बढ़त जरूर देता है।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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