पेरिस ओलंपिक के अनुभव से सीख लेकर एशियाई खेलों में उतरेंगी माहेश्वरी चौहान

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पेरिस ओलंपिक के अनुभव से सीख लेकर एशियाई खेलों में उतरेंगी माहेश्वरी चौहान


- नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में चल रहा भारतीय शॉटगन टीम का तैयारी शिविर

नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक से महज एक अंक से चूकने वाली भारतीय शॉटगन निशानेबाज माहेश्वरी चौहान अब अपने ओलंपिक अनुभव से सीख लेकर एशियाई खेल-2026 में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरने की तैयारी कर रही हैं। एशियाई खेलों में पदार्पण करने जा रहीं 30 वर्षीय माहेश्वरी फिलहाल नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित तैयारी शिविर का हिस्सा हैं।

एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए आयोजित इस शिविर में ट्रैप और स्कीट टीम के कुल 12 निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की मंजूरी से चल रहा यह शिविर 18 अगस्त तक जारी रहेगा। शिविर के आयोजन के लिए साई ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।

इसमें खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, यात्रा, शूटिंग रेंज की सुविधाओं, गोला-बारूद, अन्य आवश्यक सामग्री, कोचिंग और सहयोगी स्टाफ आदि का खर्च शामिल है।

पेरिस में ऐतिहासिक प्रदर्शन

माहेश्वरी और अनंतजीत सिंह नरूका ने पेरिस ओलंपिक के मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल किया था। भारतीय जोड़ी कांस्य पदक से सिर्फ एक अंक से चूक गई थी। हालांकि, उनका चौथा स्थान ऐतिहासिक रहा, क्योंकि वे ओलंपिक स्कीट स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी थी।

माहेश्वरी का मानना है कि पेरिस ओलंपिक का अनुभव उनके आगामी मुकाबलों के लिए मजबूत आधार बन चुका है। एशियाई खेलों में अपने पदार्पण को लेकर उन्होंने कहा, “मेरी वास्तविक अपेक्षा यही है कि मैं पूरी तरह वर्तमान में रहूं और अपने खेल का आनंद लूं। मुझे लगता है कि मैं हर प्रतियोगिता के लिए एक जैसा दृष्टिकोण रखूंगी। खिताब बदलते रहते हैं, लेकिन प्रक्रिया और दृष्टिकोण वही रहता है।”

ओलंपिक अनुभव ने बढ़ाया आत्मविश्वास

राजस्थान की निशानेबाज और खेलो इंडिया एथलीट माहेश्वरी ने कहा कि पेरिस ओलंपिक ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर आधार और आत्मविश्वास दिया है।

उन्होंने कहा, “पहला ओलंपिक खेल थोड़ा अलग अनुभव हो सकता है, लेकिन मैंने वास्तव में इसका काफी आनंद लिया। इस अनुभव ने मुझे आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार दिया है और अब मैं उसी अनुभव से सीखना चाहती हूं।”

2024 के ओलंपिक अनुभव को याद करते हुए माहेश्वरी ने कहा, “यह ऐसी चीज नहीं है जिसे आप भूल सकते हैं। यह हमेशा आपके साथ रहती है। इसके बाद आप खुद को और आगे बढ़ाने के लिए थोड़ा अधिक प्रेरित और ज्यादा भूखा महसूस करते हैं।”

शिविर में शामिल भारतीय निशानेबाज

स्कीट टीम: अनंतजीत सिंह नरूका, परिनाज धालीवाल, भवतेग सिंह गिल, मेराज अहमद खान, राइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान।

ट्रैप टीम: कयनान चेनाई, नीरू ढांडा, अहवर रिजवी, मनीषा कीर, शपथ भारद्वाज और आशिमा अहलावत।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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