एशियाई पैरा खेल: बेबी सहाना रवि ने रचा इतिहास, महिला एकल वर्ग-9 में जीता कांस्य
आइची-नागोया, 20 अक्टूबर (हि.स.)। भारत की युवा पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी बेबी सहाना रवि ने एशियाई पैरा खेल-2026 में इतिहास रच दिया। खेलो इंडिया की खिलाड़ी सहाना ने महिला एकल वर्ग-9 में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही वह एशियाई पैरा खेलों में खड़े होकर खेलने वाली श्रेणी में भारत को पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उनकी इस उपलब्धि से प्रतियोगिता में भारत की पैरा टेबल टेनिस पदक संख्या 3 पहुंच गई। इससे पहले आज ही भाविना और सोनलबेन ने कांस्य जीता है।
मंगलवार को को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में सहाना को चीन की अनुभवी और कई अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत चुकीं माओ जिंगदियान के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। माओ ने यह मुकाबला 11-8, 11-2, 11-4 से जीता। हालांकि, सेमीफाइनल तक पहुंचने के प्रदर्शन के दम पर सहाना ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
तमिलनाडु के होसुर की रहने वाली सहाना ने वर्ष 2014 में पांचवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान टेबल टेनिस खेलना शुरू किया था। वर्ष 2015 में उन्होंने अपने शुरुआती प्रशिक्षक राज अरविंदन अलगार के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। खेल को पूरा समय देने के लिए उन्होंने नौवीं कक्षा के बाद नियमित स्कूली पढ़ाई छोड़ दी और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के माध्यम से पढ़ाई जारी रखते हुए प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया।
वर्ष 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने पहली बार वरिष्ठ बहु-खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। उसी वर्ष हांगझोऊ में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में वह पांचवें स्थान पर रही थीं। सितंबर 2022 में वह चेन्नई स्थित एसडीएटी-एकेजी टेबल टेनिस विकास केंद्र से जुड़ीं, जहां वह पूर्व भारतीय खिलाड़ी अचंत शरत कमल के पूर्व प्रशिक्षक मुरलीधर राव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
सहाना ने वर्ष 2024 के विश्व एबिलिटीस्पोर्ट युवा खेलों में महिला एकल वर्ग-9 का स्वर्ण और मिश्रित युगल में रजत पदक जीता था। वर्ष 2025 के युवा एशियाई पैरा खेलों में भी उन्होंने महिला एकल अंडर-23 वर्ग-9 में स्वर्ण और मिश्रित युगल अंडर-23 वर्ग-20 में रजत पदक हासिल किया था।
एशियाई पैरा खेलों में सहाना का कांस्य पदक भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले भारत को इस प्रतियोगिता के पिछले संस्करण में पैरा टेबल टेनिस में दो कांस्य पदक मिले थे। इस बार सहाना की सफलता ने भारत के पदक अभियान को नई उपलब्धि दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

