खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों को ‘मेक इन इंडिया इन स्पोर्ट्स’ और ‘अंतरराष्ट्रीय संबंध’ समितियां गठित करने की दी सलाह
नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय ने देश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों को अपने-अपने संगठन में ‘अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति’ और ‘मेक इन इंडिया इन स्पोर्ट्स समिति’ गठित करने की सलाह दी है।
मंत्रालय के अनुसार इन समितियों के गठन से भारत की वैश्विक खेल सहभागिता और खेल कूटनीति को मजबूती मिलेगी, साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप खेल क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति की भूमिका
अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति का उद्देश्य संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों और महाद्वीपीय महासंघों में हो रहे बदलावों पर नजर रखना होगा। इसमें प्रतियोगिता नियमों, संरचना, शासन व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया और एथलीट-केंद्रित कार्यक्रमों से जुड़े अपडेट शामिल होंगे।
यह समिति द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौता ज्ञापनों, संयुक्त प्रशिक्षण शिविरों, एक्सचेंज प्रोग्राम, ज्ञान साझा करने की पहल और भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी से जुड़े अवसरों को लेकर एक मध्यम अवधि की अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना भी तैयार करेगी।
साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि सभी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां भारत सरकार की नीतियों, ओलंपिक चार्टर और अंतरराष्ट्रीय महासंघों के नियमों के अनुरूप हों तथा सुशासन, एंटी-डोपिंग अनुपालन और खिलाड़ियों की सुरक्षा के सिद्धांतों का पालन किया जाए।
‘मेक इन इंडिया इन स्पोर्ट्स’ समिति की जिम्मेदारी
‘मेक इन इंडिया इन स्पोर्ट्स’ समिति भारतीय निर्माताओं, स्टार्ट-अप्स, शोध संस्थानों और परीक्षण व मानकीकरण निकायों के साथ समन्वय कर संबंधित खेलों के लिए स्वदेशी उत्पादों के विकास, परीक्षण और प्रमाणन को बढ़ावा देगी। इसका लक्ष्य घरेलू खेल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है। यह समिति समय-समय पर रिपोर्ट तैयार कर स्वदेशी समाधानों को अपनाने में हुई प्रगति, सामने आई चुनौतियों और आवश्यक सिफारिशों को प्रस्तुत करेगी, जिससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित हो सके।
समितियों के गठन की समय-सीमा
अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति: इसमें वरिष्ठ महासंघ अधिकारी, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच और वैश्विक खेल प्रशासन व कूटनीति का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति की संरचना और कार्य-क्षेत्र का विवरण मंत्रालय को 30 दिनों के भीतर भेजना होगा।
मेक इन इंडिया इन स्पोर्ट्स समिति: इसमें वरिष्ठ महासंघ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और खेल उपकरण, तकनीक, विनिर्माण या मानकों का अनुभव रखने वाला कम से कम एक सदस्य शामिल होगा। समिति का विवरण मंत्रालय को 60 दिनों के भीतर भेजना होगा।
खेल मंत्रालय का मानना है कि इन पहलों से न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल पहचान मजबूत होगी, बल्कि देश में स्वदेशी खेल उत्पादों और तकनीक के विकास को भी नई गति मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

