भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी की तैयारी तेज, खेल मंत्रालय बनाएगा टास्क फोर्स
नई दिल्ली, 20 जून (हि.स.)। भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी को लेकर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बड़ा संकेत दिया है। शनिवार को चयनित मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान मांडविया ने कहा कि सरकार मोटरस्पोर्ट्स क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित करने और भविष्य में भारत में फॉर्मूला-1 रेस आयोजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है।
मांडविया ने बताया कि यह निर्णय हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में फॉर्मूला-1 से जुड़े अधिकारी, बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट प्रबंधन, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, भारतीय मोटर स्पोर्ट्स महासंघ, युवा रेसर और मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हुए थे।
मांडविया ने कहा कि खेल मंत्रालय जल्द ही चार से पांच सदस्यीय विशेष टास्क फोर्स का गठन करेगा, जो देश में मोटरस्पोर्ट्स की वर्तमान स्थिति, विकास की संभावनाओं और सामने आने वाली चुनौतियों का विस्तृत अध्ययन करेगी। यह समिति अंतरराष्ट्रीय आयोजन, निवेश, पर्यटन और आर्थिक प्रभाव जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करेगी और मोटरस्पोर्ट्स के सतत विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और संचालन संबंधी जरूरतों की भी पहचान करेगी।
मांडविया के अनुसार टास्क फोर्स में खेल मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय मोटर स्पोर्ट्स महासंघ और सर्किट संचालन से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। समिति को गठन के बाद तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का लक्ष्य दिया जाएगा। मांडविया ने कहा कि सरकार अब 2028 तक भारत में फॉर्मूला-1 रेस आयोजित कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए अगले वर्ष तक आवश्यक नीति और ढांचे को तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मोटरस्पोर्ट्स को सरकार की ‘प्ले इन इंडिया’ पहल का हिस्सा बनाया जाएगा, क्योंकि इससे खेल के साथ-साथ रोजगार, निवेश और पर्यटन के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। गौरतलब है कि भारत ने वर्ष 2011 से 2013 तक ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला-1 रेस की मेजबानी की थी। बाद में वित्तीय और कर संबंधी कारणों से यह आयोजन बंद हो गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

