एशियाई खेल: भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों को गांधीनगर में दी गई गर्मजोशी से विदाई

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एशियाई खेल: भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों को गांधीनगर में दी गई गर्मजोशी से विदाई


एशियाई खेल: भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों को गांधीनगर में दी गई गर्मजोशी से विदाई


गांधीनगर, 15 सितंबर (हि.स.)। जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए रवाना होने वाली भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों को मंगलवार सुबह भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र गांधीनगर में गर्मजोशी से विदाई दी गई।

पुरुष टीम की कमान मुख्य कोच बलवान सिंह संभाल रहे हैं, जबकि बीसी रमेश और अनूप कुमार सहायक कोच हैं। महिला टीम की मुख्य कोच नीता दादवे हैं और ममता पूजारी सहायक कोच की भूमिका में हैं। दोनों टीमों में 12-12 खिलाड़ी हैं और उनके साथ कोचिंग तथा सहयोगी स्टाफ भी मौजूद है।

दोनों टीमों ने एशियाई खेलों की तैयारियों के तहत 5 से 14 सितंबर तक साई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र गांधीनगर में अपना अंतिम प्रशिक्षण शिविर लगाया। विदाई समारोह में खिलाड़ियों को पारंपरिक तिलक लगाया गया और माला पहनाई गई। दोनों टीमों के कोच, कप्तान और उप-कप्तानों को पारंपरिक शॉल भी भेंट किए गए।

महिला टीम की कप्तान पुष्पा राणा और पुरुष टीम के कप्तान सुनील कुमार ने अपनी-अपनी टीमों की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोनों टीमें आइची-नागोया में 2022 एशियाई खेलों की सफलता दोहराने के लिए तैयार हैं।

पुष्पा राणा ने भारत में बढ़ती लीग संस्कृति को कबड्डी के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “हमारे देश में लीग संस्कृति न केवल हमारी टीम और खिलाड़ियों के विकास में मदद कर रही है बल्कि दूसरे देशों में भी कबड्डी को मजबूत कर रही है। अलग-अलग देशों के खिलाड़ी और कोच हमारी लीग के जरिए अनुभव हासिल कर रहे हैं और उसे अपने देशों में लेकर जा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल का स्तर बढ़ रहा है। साई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र गांधीनगर में कबड्डी के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं ने भी हमारी तैयारियों के लिए बहुत अच्छा माहौल दिया है।”

पुरुष टीम के कप्तान सुनील कुमार ने कहा कि कबड्डी में लगातार बदलाव हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “कबड्डी में काफी बदलाव आया है। खेल तेज और अधिक रणनीतिक होता जा रहा है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। यहां का प्रशिक्षण माहौल बहुत अच्छा रहा है, खासकर स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग सुविधाओं ने हमारी शारीरिक तैयारी में मदद की है। हम चुनौती के लिए तैयार हैं और एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।”

महिला टीम की मुख्य कोच नीता दादवे ने टीम की तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों से पहले व्यापक प्रशिक्षण किया है। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह तैयार हैं। हमने मई में 15 दिन का प्रशिक्षण शिविर लगाया था, इसके बाद जून में एक महीने का शिविर हुआ। फिर जेएसडब्ल्यू बल्लारी में एक महीने का शिविर लगाया गया और अंत में साई गांधीनगर में शिविर हुआ। अब हम खेलों का इंतजार कर रहे हैं।”

उन्होंने प्रशिक्षण शिविर के दौरान साई से मिले सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा, “यहां हमारे प्रशिक्षण शिविरों के दौरान हमें बहुत अच्छा सहयोग मिला। प्रबंधन हमारी जरूरतों को लेकर काफी संवेदनशील था और सभी आवश्यकताओं को तुरंत पूरा किया गया, जिससे हमारी तैयारियों में मदद मिली। मेस और टीमों को दिए गए समग्र सहयोग सहित सभी व्यवस्थाएं बेहतरीन रहीं। हमें विश्वास है कि हम खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।”

पुरुष टीम के मुख्य कोच बलवान सिंह ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा, “पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शिविर के दौरान बहुत मेहनत की है। खिलाड़ियों ने पूरी तैयारी के दौरान शानदार प्रतिबद्धता, अनुशासन और समर्पण दिखाया है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता ने हमें खेलों में प्रदर्शन को लेकर विश्वास दिया है। हम शिविर के दौरान टीमों को मिले सहयोग के लिए साई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र गांधीनगर और प्रबंधन के आभारी हैं।”

कबड्डी की लोकप्रियता पर बलवान सिंह ने कहा, “कबड्डी में वर्षों के दौरान काफी बदलाव आया है। यह खेल तेज और अधिक रणनीतिक हो रहा है तथा प्रतिस्पर्धा का स्तर लगातार बढ़ रहा है। खेल अब शहरी क्षेत्रों में भी लोकप्रिय हो रहा है और इसे केवल ग्रामीण खेल के रूप में नहीं देखा जाता।”

साई ने दी हरसंभव सहयोग की प्रतिबद्धता

साई क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत सिंह ने दोनों टीमों को एशियाई खेलों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “मैं दोनों टीमों को एशियाई खेलों के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है कि आप अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे और देश को गौरवान्वित करेंगे। हमारी ‘एथलीट फर्स्ट’ सोच के तहत हम आपको सर्वोत्तम सुविधाएं, सहयोग और प्रशिक्षण माहौल देने के लिए लगातार काम करते रहेंगे। जब आप गांधीनगर लौटेंगे तो हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आपको यह केंद्र उस केंद्र से भी बेहतर मिले, जिसे आप आज छोड़कर जा रहे हैं।”

2022 एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय पुरुष टीम ने भी फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

एशियाई खेलों के बाद दोनों भारतीय टीमें पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में हिस्सा लेंगी। यह प्रतियोगिता 10 से 20 अक्टूबर तक अहमदाबाद के वीर सावरकर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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