भारत विश्वकप जीतने के लिए तैयार, हरमनप्रीत सिंह बोले- हमें खुद पर भरोसा

WhatsApp Channel Join Now
भारत विश्वकप जीतने के लिए तैयार, हरमनप्रीत सिंह बोले- हमें खुद पर भरोसा


नई दिल्ली, 15 अगस्त (हि.स.)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम आज एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। 51 साल से विश्वकप ट्रॉफी का इंतजार कर रही भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने साफ किया है कि टीम इस बार खिताब जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार है। हरमनप्रीत ने कहा कि टीम को अपनी मेहनत पर भरोसा है और सकारात्मक सोच के साथ वह ट्रॉफी घर लाने का लक्ष्य लेकर उतरी है।

जियोस्टार से बातचीत में हरमनप्रीत ने कहा, “विश्वकप हम सभी के लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि इसके बाद पता नहीं क्या होगा। टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी भी हैं और हमारे लिए यह शानदार अवसर है। हमने जितनी मेहनत की है और जिस तरह से अभ्यास किया है, उससे हमें विश्वास है कि हम निश्चित रूप से ऐसा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, हमारा एकमात्र लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ देना और पदक जीतना है। टोक्यो और पेरिस में लगातार पदक जीतना हमारे लिए निश्चित रूप से बहुत प्रेरणादायक रहा है। हम यहां अंडरडॉग के रूप में आए हैं। यह हमारे लिए दुनिया को यह दिखाने का सही मौका है कि भारत क्या कर सकता है और उसकी क्षमता क्या है। उम्मीद है कि हम ट्रॉफी घर लाएंगे।

उन्होंने कहा, यह कहना आसान है लेकिन सफर कठिन और चुनौतीपूर्ण होगा। हम तैयार हैं। टीम एक-दूसरे पर भरोसा करती है और हमारा नजरिया सकारात्मक है। कौन गोल करता है या कौन बचाव करता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, जब तक हम एक टीम के रूप में जीतते हैं। हम पूरी ताकत से उतरेंगे।”

हरमनप्रीत ने कहा कि टूर्नामेंट में भारतीय टीम की पहली प्राथमिकता मजबूत डिफेंस होगी। उन्होंने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता डिफेंस होगी। अगर हम पूरे टूर्नामेंट में अच्छी तरह बचाव करते हैं तो हम उस लक्ष्य के करीब होंगे जिसके लिए यहां आए हैं। हमने इस क्षेत्र में काफी अच्छा अभ्यास किया है। हमारा ढांचा चाहे फुल प्रेस हो, हाफ कोर्ट या लो प्रेस, हमने सभी खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें और टीम चर्चा की है। क्योंकि जब आप अच्छी तरह बचाव करते हैं तो विपक्षी डी में लगातार प्रवेश करने के मौके मिलते हैं। ऐसे में 50-50 मौकों को गोल में बदलना, दबाव में सही रिसीविंग करना और डी में समझदारी से परिणाम हासिल करना, चाहे वह गोल का प्रयास हो या पेनल्टी कॉर्नर हासिल करना, बेहद महत्वपूर्ण होगा।”

हरमनप्रीत ने अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह के साथ अपने लंबे रिश्ते और तालमेल को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, “मनप्रीत पाजी हमारे सीनियर रहे हैं। हम जूनियर स्तर से साथ हैं। तब से अबतक हमारा रिश्ता, भरोसा और समझ बहुत मजबूत रही है। हम इतने वर्षों से साथ खेल रहे हैं और मैं सिर्फ उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा और विश्वास दिखाया। घर पर भी और प्रशिक्षण सत्रों में भी हम ज्यादातर साथ रहते हैं- मैं, मनप्रीत, मंदीप और दिलप्रीत। कैंप में भी स्वाभाविक रूप से साथ रहते हैं। मैदान पर डिफेंडरों और मिडफील्डरों के बीच हमारी समझ शानदार है। हमें पता होता है कि कुछ परिस्थितियों में कैसे पास करना है और आंखों के इशारे कैसे काम करते हैं। डिफेंस में भी हम करीब रहते हैं इसलिए संवाद में कोई कमी नहीं होती। मनप्रीत और मंदीप का यह चौथा विश्वकप है और मेरा तीसरा। जब कोई सीनियर खिलाड़ी मुश्किल समय में जिम्मेदारी लेता है तो इससे पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ता है। मुझे खुशी है कि हर पोजीशन में हमारे पास ऐसे अनुभवी खिलाड़ी हैं जो टीम को संतुलित करते हैं- फॉरवर्ड लाइन में मंदीप, मिडफील्ड में मनप्रीत और डिफेंस में हम।”

पूल डी में भारत के साथ वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान हैं। हरमनप्रीत ने कहा कि टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को आसान नहीं मानेगी। उन्होंने कहा, “शायद सभी टीमों की खेलने की शैली ज्यादातर मैन-टू-मैन है। पाकिस्तान जोन और मैन-टू-मैन दोनों का मिश्रण करता है। हमने प्रो लीग में उसके खिलाफ खेला है और उन क्षेत्रों की पहचान की है जहां हमें सुधार करना है। हमने राष्ट्रमंडल खेलों में वेल्स के खिलाफ भी खेला है। हम वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं और सभी के साथ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं। विश्वकप में कोई आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं होता इसलिए हम किसी को हल्के में नहीं ले सकते। हम एक-एक मैच पर ध्यान दे रहे हैं और ज्यादा नहीं सोच रहे। वेल्स, इंग्लैंड या पाकिस्तान, हमारा लक्ष्य हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देना और अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू करना है।”

पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को लेकर कप्तान ने खिलाड़ियों से भावनाओं पर नियंत्रण रखने की अपील की। हरमनप्रीत ने कहा, “योजना सरल है- दिमाग को शांत रखें। ज्यादा न सोचें और न ही जरूरत से ज्यादा उत्साहित हों। दर्शक भी आपके साथ खेलते हैं इसलिए उस माहौल को सकारात्मक रूप से लें। मुख्य प्राथमिकता खेल पर ध्यान केंद्रित रखना और दूसरे कारकों से विचलित न होना है। लय नहीं टूटनी चाहिए और हमारी योजनाएं नहीं बदलनी चाहिए। उन 60 मिनट के लिए हम सभी की जिम्मेदारी है इसलिए भावनाओं पर नियंत्रण रखना और अनुशासित तरीके से खेलना महत्वपूर्ण होगा।”

भारत और वेल्स के बीच मुकाबला आज शाम 4:30 बजे से खेला जाएगा। मुकाबले का सीधा प्रसारण जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स पर किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

Share this story