रक्षा खडसे ने ब्राजील के फुटबॉल दिग्गज रोनाल्डो नाजारियो से की मुलाकात, भारतीय खेल प्रतिभाओं को निखारने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने ब्राजील के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी रोनाल्डो नाजारियो से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो बार के फीफा विश्व कप विजेता रोनाल्डो के शानदार करियर और फुटबॉल जगत पर उनके स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया। साथ ही, भारत में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रक्षा खडसे ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर मुलाकात के बारे में लिखा, “ब्राजील के दिग्गज स्ट्राइकर रोनाल्डो नाजारियो, जिन्हें आर-नाइन और ‘ओ फेनोमेनो’ (अद्भुत प्रतिभा) के नाम से जाना जाता है, से मुलाकात यादगार रही। दो बार फीफा विश्व कप जीतने वाले और फुटबॉल के सर्वकालीन महान खिलाड़ियों में शामिल रोनाल्डो की असाधारण यात्रा आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। इस तरह की मुलाकातें एक मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करने के महत्व को और पुख्ता करती हैं, जो भारत की युवा प्रतिभाओं को बड़े सपने देखने और सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सशक्त बनाए।”
विश्व फुटबॉल के महानतम स्ट्राइकरों में शामिल हैं रोनाल्डो
रोनाल्डो नाजारियो को फुटबॉल इतिहास के महानतम स्ट्राइकरों में गिना जाता है। उन्होंने 1994 और 2002 में ब्राजील के साथ फीफा विश्व कप का खिताब जीता था। वर्ष 2002 के विश्व कप फाइनल में उन्होंने जर्मनी के खिलाफ दो गोल किए थे।
अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग, सटीक फिनिशिंग और विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदने की क्षमता के लिए मशहूर रोनाल्डो ने बार्सिलोना, इंटर मिलान और रियल मैड्रिड जैसे यूरोप के शीर्ष क्लबों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 1997 और 2002 में बैलन डी'ओर पुरस्कार जीता, जबकि तीन बार उन्हें फीफा विश्व वर्ष का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
इस महीने की शुरुआत में कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत और ब्राजील की फुटबॉल टीमों के बीच ऐतिहासिक मैत्री मुकाबला खेला गया था। दोनों देशों के बीच यह पहला फुटबॉल मुकाबला था। ब्राजील ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 4-0 से हराया। सैमुअल लिनो और पेद्रो सहित ब्राजील के खिलाड़ियों ने गोल किए।
ब्राजील ने पूरे मुकाबले में अपनी आक्रामक क्षमता और सटीक फिनिशिंग का प्रदर्शन किया, जबकि भारतीय टीम को दक्षिण अमेरिकी दिग्गजों के हमलों को रोकने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

