फीफा विश्व कप : दस खिलाड़ियों के साथ पराग्वे ने तुर्किये को 1-0 से हराया, नॉकआउट की उम्मीदें बरकरार

WhatsApp Channel Join Now
फीफा विश्व कप : दस खिलाड़ियों के साथ पराग्वे ने तुर्किये को 1-0 से हराया, नॉकआउट की उम्मीदें बरकरार


सैन फ्रांसिस्को, 20 जून (हि.स.)। फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले में पराग्वे ने शानदार जुझारू प्रदर्शन करते हुए शनिवार को तुर्किये को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें मजबूत कर लीं, जबकि तुर्किये इस हार के साथ विश्व कप से बाहर हो गया।

मुकाबले का इकलौता और निर्णायक गोल मातियास गलार्सा ने मैच के केवल 64वें सेकंड में दागा। उन्होंने लगभग 25 मीटर दूरी से जोरदार लो शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया। यह गोल अब तक के इस विश्व कप का सबसे तेज गोल बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोरक्को के इस्माइल साइबारी के नाम था, जिन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 71वें सेकंड में गोल किया था।

अमेरिका के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में 1-4 की हार के बाद उतरी पराग्वे टीम ने शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद पूरे मैच में मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन किया।

हालांकि, पहले हाफ के इंजरी टाइम में पराग्वे को बड़ा झटका लगा जब मिगुएल अल्मिरोन को रेड कार्ड दिखा दिया गया। अल्मिरोन पर आरोप था कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी मेर्त मुल्दुर से बातचीत के दौरान मुंह को हाथ से ढककर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वीडियो सहायक रेफरी (वीएआर) समीक्षा के बाद उन्हें बाहर भेजा गया।

यह विश्व कप में नए नियम के तहत पहली बार हुआ, जिसमें किसी टकराव की स्थिति में मुंह को हाथ, बांह या जर्सी से ढककर बोलने पर सीधे रेड कार्ड दिया जा सकता है।

दूसरे हाफ में तुर्किये ने एक खिलाड़ी अधिक होने का पूरा फायदा उठाने की कोशिश की और लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा। एक समय उसके पास 79 प्रतिशत पजेशन रहा। तुर्किये ने कुल 32 शॉट लगाए, लेकिन एक भी गोल नहीं कर सका।

केनान यिल्दिज़ और अर्दा गुलर को कई मौके मिले, लेकिन वे उन्हें गोल में नहीं बदल सके। दूसरी ओर, पराग्वे की रक्षापंक्ति लगातार दबाव झेलते हुए भी मजबूत बनी रही।

इस जीत के साथ पराग्वे ने टूर्नामेंट में वापसी की, जबकि इससे पहले अमेरिका की ऑस्ट्रेलिया पर जीत के कारण अमेरिका ग्रुप डी में शीर्ष स्थान सुनिश्चित कर चुका था।

पराग्वे, जिसे “ला अलबिरोजा” के नाम से भी जाना जाता है, इससे पहले 2010 विश्व कप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा था, जो उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

Share this story