कैप्री स्पोर्ट्स और एआईएफएफ के बीच 15 साल की साझेदारी, आईडब्ल्यूएल के वाणिज्यिक अधिकार मिले

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कैप्री स्पोर्ट्स और एआईएफएफ के बीच 15 साल की साझेदारी, आईडब्ल्यूएल के वाणिज्यिक अधिकार मिले


मुंबई, 22 सितंबर (हि.स.)। भारत की प्रमुख खेल संस्था कैप्री स्पोर्ट्स ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के साथ 15 साल की दीर्घकालिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत कैप्री स्पोर्ट्स को इंडियन वुमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) और इंडियन वुमेंस लीग 2 (आईडब्ल्यूएल 2) के वाणिज्यिक विकास और विपणन अधिकार मिले हैं। यह साझेदारी भारत में महिला क्लब फुटबॉल के लिए एक दीर्घकालिक और टिकाऊ व्यावसायिक ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

साझेदारी के तहत कैप्री स्पोर्ट्स दोनों लीगों के वाणिज्यिक विकास और मार्केटिंग का नेतृत्व करेगी। इसका उद्देश्य दर्शक आधार बढ़ाना, क्लबों और खिलाड़ियों की दृश्यता बढ़ाना, ब्रांड और निवेश आकर्षित करना, प्रसारण और डिजिटल जुड़ाव को मजबूत करना तथा महिला क्लब फुटबॉल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में व्यावसायिक अवसर बढ़ाना है।

कैप्री स्पोर्ट्स ने हाल ही में नोवा स्पोर्ट्स की शुरुआत की है, जो जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक फुटबॉल में लड़कियों की भागीदारी और अवसर बढ़ाने पर केंद्रित पहल है। कंपनी का अगले दशक में 15 लाख लड़कियों तक पहुंचने का लक्ष्य है। नोवा स्पोर्ट्स के जमीनी स्तर के कार्यक्रमों और आईडब्ल्यूएल तथा आईडब्ल्यूएल 2 के शीर्ष क्लब स्तर की प्रतियोगिताओं के जरिए कैप्री स्पोर्ट्स भारत में महिला फुटबॉल के लिए भागीदारी से लेकर पेशेवर प्रतियोगिता तक एक संपूर्ण मार्ग तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

कैप्री स्पोर्ट्स को महिला खेलों में यूपी वॉरियर्ज के साथ महिला प्रीमियर लीग के अनुभव से भी लाभ मिलेगा। वर्ष 2016 में शुरू हुई आईडब्ल्यूएल का नया सत्र 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इसमें आठ क्लब 56 मैचों में हिस्सा लेंगे और मुकाबले कई शहरों में खेले जाएंगे।

कैप्री स्पोर्ट्स की निदेशक एवं प्रमोटर जिनिशा शर्मा ने कहा, “महिला फुटबॉल दुनियाभर में एक महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रहा है और लीग नए दर्शकों, निवेश और सांस्कृतिक महत्व को आकर्षित कर रही हैं। भारत में इस बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रतिभा और व्यापक आधार मौजूद है, लेकिन हमारी खिलाड़ियों को मजबूत प्रतियोगिता, पेशेवर माहौल और आगे बढ़ने के स्पष्ट अवसरों की जरूरत है। हमारा लक्ष्य आईडब्ल्यूएल और आईडब्ल्यूएल 2 को ऐसी मजबूत और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ प्रतियोगिताएं बनाना है, जो क्लबों को मजबूत करें, प्रतिभाओं को विकसित करें और कहानी कहने, प्रशंसक जुड़ाव तथा मैदान पर बेहतर अनुभव के जरिए अधिक लोगों, ब्रांड और निवेश को खेल से जोड़ें।”

कैप्री स्पोर्ट्स के कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स प्रमुख अपूर्व गुप्ता ने कहा, “हम आईडब्ल्यूएल और आईडब्ल्यूएल 2 के लिए एआईएफएफ के साथ साझेदारी कर बेहद उत्साहित हैं। दोनों लीग भारत में महिला क्लब फुटबॉल के शीर्ष दो स्तरों का प्रतिनिधित्व करती हैं और इनके आसपास मजबूत व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का बड़ा अवसर है। अगले 15 वर्षों में हमारा ध्यान दर्शक आधार बढ़ाने, क्लबों और खिलाड़ियों की दृश्यता बढ़ाने, प्रसारण और डिजिटल जुड़ाव को मजबूत करने तथा ब्रांड और साझेदारों के लिए महिला फुटबॉल के विकास में भाग लेने के सार्थक अवसर तैयार करने पर रहेगा।”

एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा, “भारत में महिला फुटबॉल के लिए इस साझेदारी का समय बहुत महत्वपूर्ण है। हाल के वर्षों में अस्मिता लीग जैसी पहलों, खिलाड़ियों के पंजीकरण में वृद्धि और अंडर-17 तथा अंडर-15 महिला युवा प्रतियोगिताओं की शुरुआत के जरिए भागीदारी बढ़ी है। 2026 में हमारी वरिष्ठ, अंडर-20 और अंडर-17 राष्ट्रीय टीमों ने भी एशियाई स्तर पर महत्वपूर्ण प्रगति की है। अगला कदम यह सुनिश्चित करना है कि हमारी क्लब प्रतियोगिताएं भी मजबूत और पेशेवर बनें। सही सोच रखने वाला दीर्घकालिक वाणिज्यिक साझेदार इस गति को आगे बढ़ाने, क्लबों और खिलाड़ियों के लिए अधिक मूल्य तैयार करने तथा अगले 15 वर्षों में मजबूत महिला फुटबॉल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में मदद कर सकता है।”

एआईएफएफ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा, “इंडियन वुमेंस लीग देश में महिला फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और दीर्घकालिक वाणिज्यिक साझेदार मिलने से लीग को आगे ले जाने में मदद मिलेगी। आईडब्ल्यूएल और आईडब्ल्यूएल 2 दोनों के लिए कैप्री स्पोर्ट्स के साथ आने से लीगों की दृश्यता बढ़ाने, प्रशंसकों और साझेदारों की रुचि बढ़ाने तथा क्लबों और खिलाड़ियों के लिए मजबूत मंच तैयार करने का अवसर मिलेगा।”

कैप्री स्पोर्ट्स ने कहा कि महिला खेलों में उसकी बढ़ती मौजूदगी का उद्देश्य ऐसे टिकाऊ मंच तैयार करना है, जहां भागीदारी, खेल उत्कृष्टता और व्यावसायिक अवसर साथ-साथ आगे बढ़ सकें। एआईएफएफ के साथ 15 साल की साझेदारी इसी दीर्घकालिक दृष्टिकोण का विस्तार है, जिसके तहत भारत में महिला क्लब फुटबॉल के लिए दर्शक आधार और व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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