चयन और बल्लेबाजी क्रम की गलतियों से मिली टीम इंडिया को हार : रविचंद्रन अश्विन

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चयन और बल्लेबाजी क्रम की गलतियों से मिली टीम इंडिया को हार : रविचंद्रन अश्विन


नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर आठ चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली 76 रन की करारी हार के पीछे चयन और बल्लेबाजी क्रम से जुड़े फैसलों को अहम कारण बताया है।

यह मुकाबला रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया।

188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 111 रन पर सिमट गई। यह टी-20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी हार रही और टूर्नामेंट में लगातार 13 मैचों से चला आ रहा अपराजित क्रम भी टूट गया। अश्विन ने अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को खिलाने और रिंकू सिंह को आठवें क्रम पर बल्लेबाजी के लिए भेजने के फैसले पर सवाल उठाए।

अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर अश्विन ने कहा, “मैं मानता हूं कि इंडियन प्रीमियर लीग में मुकाबलों के अनुसार संयोजन बनाना ठीक है, क्योंकि वहां 14 मैच खेलने होते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के टूर्नामेंट में टीम को जितना स्थिर रख सकें, उतना बेहतर होता है। बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन सुंदर का उपयोग करना सही है, इसमें मुझे कोई आपत्ति नहीं। लेकिन अक्षर पटेल टी-20 क्रिकेट में आपके सबसे उपयोगी खिलाड़ी रहे हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अक्षर ने क्या किया है।”

अश्विन ने वर्ष 2024 के टी-20 विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अक्षर पटेल की पारी को याद किया। उन्होंने कहा, “पिछले विश्व कप में भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इसी तरह की परिस्थिति में अक्षर पटेल ने विराट कोहली के साथ साझेदारी की थी और भारत का स्कोर 170 के पार पहुंचाया था। निश्चित रूप से कोहली का अनुभव था, लेकिन अक्षर किसी से कम नहीं हैं। अगर भारत के पास मध्य ओवरों में कुछ विकेट शेष रहते और स्थिरता बनी रहती, तो लक्ष्य हासिल किया जा सकता था।”

अश्विन ने बल्लेबाजी क्रम पर भी असहमति जताई। उन्होंने कहा, “रिंकू सिंह का आठवें क्रम पर बल्लेबाजी करना समझ से परे है। आपके पास आठ बल्लेबाज हैं और रिंकू आठवें नंबर पर आ रहे हैं। उन्हें ऐसी स्थिति में नहीं भेजा जा सकता। वॉशिंगटन सुंदर के प्रति कोई अनादर नहीं है। वह शानदार बल्लेबाज हैं और उनकी क्षमता हम जानते हैं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने भारत को यह सबक दिया है कि बिना पूरी तैयारी के बड़े मुकाबलों में नहीं उतरना चाहिए।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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