आक्रामकता हमारी सोच, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार ढलना हमारी ताकत- रजत पाटीदार

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आक्रामकता हमारी सोच, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार ढलना हमारी ताकत- रजत पाटीदार


बेंगलुरु, 23 अप्रैल (हि.स.)। इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने टीम की सफलता का श्रेय आक्रामक सोच के साथ लचीले दृष्टिकोण को दिया है। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य दबदबा बनाना है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

आरसीबी ने इस सीजन में अब तक छह मैचों में आठ अंक हासिल करते हुए शानदार शुरुआत की है। कप्तान पाटीदार खुद भी बेहतरीन फॉर्म में हैं और उन्होंने छह मैचों में 230 रन 212.96 के शानदार स्ट्राइक रेट से बनाए हैं, जिसमें 22 छक्के शामिल हैं।

पाटीदार ने अपने बल्लेबाजी में बदलाव को लेकर कहा कि सबसे बड़ा सुधार मानसिक स्तर पर आया है। उन्होंने बताया कि खेल को समझने और खुद को परिस्थितियों में देखने के नजरिए ने उनके प्रदर्शन को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्पष्टता के बाद तकनीकी बदलाव अपने आप आ गए और उन्होंने कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया।

टीम की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति पर पाटीदार ने कहा कि कोई तय योजना नहीं होती, बल्कि यह खिलाड़ियों की परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेने और अपनी सहज प्रवृत्ति पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि साझेदारी के दौरान खिलाड़ियों के बीच स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी होता है, जिससे गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया जा सके।

अपनी कप्तानी शैली के बारे में पाटीदार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह खुद को “गेंदबाजों का कप्तान” मानते हैं। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों पर अधिक दबाव होता है, इसलिए उन्हें सकारात्मक माहौल देना जरूरी है।

उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों से सीखने की बात भी कही और बताया कि अनुभवी खिलाड़ियों को देखकर उन्होंने वर्तमान में रहने और केवल अपने नियंत्रण वाली चीजों पर ध्यान देने की आदत विकसित की है।

पिछले सीजन में खिताब जीतने के अनुभव को याद करते हुए पाटीदार ने कहा कि असली एहसास तब हुआ जब उन्होंने प्रशंसकों की प्रतिक्रिया देखी। उन्होंने माना कि फाइनल के आखिरी ओवर में दबाव स्वाभाविक था, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखा।

पाटीदार ने कहा कि वह अपनी कप्तानी में अपनी स्वाभाविक शैली को बनाए रखना चाहते हैं और टीम में ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जहां हर खिलाड़ी—चाहे अनुभवी हो या नया—खुद को महत्वपूर्ण महसूस करे।

बाहरी अपेक्षाओं और आलोचनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि वह इन बातों से दूर रहते हैं और केवल वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

आगे के मुकाबलों को लेकर पाटीदार ने कहा कि मौजूदा चैंपियन होने के नाते हर टीम उनके खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी, लेकिन आरसीबी का फोकस अपने खेल और प्रक्रिया पर कायम रहने का है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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