एशियाई खेल 2026 की तैयारी तेज: 1.67 करोड़ की लागत से शुरू हुए तीन राष्ट्रीय बैडमिंटन शिविर में जुटे शीर्ष खिलाड़ी
नई दिल्ली, 05 मई (हि.स.)। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 1.67 करोड़ रुपये की लागत से संचालित तीन राष्ट्रीय कोचिंग शिविर भारतीय बैडमिंटन टीमों की एशियाई खेल 2026 की तैयारियों को नई दिशा दे रहे हैं। 10 अप्रैल से शुरू हुए ये शिविर हैदराबाद, बेंगलुरु और गुवाहाटी में आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें देश के शीर्ष शटलरों को एक मंच पर लाकर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हाल ही में डेनमार्क के हॉर्सेंस में 24 अप्रैल से 3 मई के बीच आयोजित थॉमस और उबेर कप 2026 में भारतीय पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। इन शिविरों के जरिए लक्ष्य सेन, पदार्पण करने वाले आयुष शेट्टी, किदांबी श्रीकांत और युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी जैसे खिलाड़ियों को एक साथ अभ्यास, संयोजन सुधारने और मैच लय विकसित करने का अवसर मिला।
शिविर पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी, सेंटर फॉर बैडमिंटन एक्सीलेंस और नेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस बैडमिंटन अकादमी में आयोजित किए जा रहे हैं।
हैदराबाद शिविर में 13 पुरुष और 9 महिला खिलाड़ी, बेंगलुरु में 5-5 पुरुष व महिला खिलाड़ी, जबकि गुवाहाटी में 4 पुरुष और 1 महिला खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये शिविर 30 जून तक जारी रहेंगे।
मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में संचालित इन शिविरों में विदेशी कोच, फिजियो, ट्रेनर और विश्लेषकों को भी शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिस्पर्धी माहौल मिल सके।
इन शिविरों में उबेर कप टीम की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के साथ त्रीसा जॉली, तनिषा क्रास्टो समेत अन्य खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। अब इन शिविरों का फोकस एशियाई खेल 2026, ओलंपिक खेल 2028 और बैडमिंटन विश्व महासंघ व बैडमिंटन एशिया द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर केंद्रित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

