एशियाई पैरा खेल: शीतल देवी ने व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में भी जीता स्वर्ण

WhatsApp Channel Join Now
एशियाई पैरा खेल: शीतल देवी ने व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में भी जीता स्वर्ण


सिंगापुर की नूर अलीम स्याहिदा को 142-139 से हराया

दो स्वर्ण और एक रजत के साथ अभियान समाप्त किया

आइची-नागोया, 22 अक्टूबर (हि.स.)। भारत की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। उन्होंने स्वर्ण पदक के मुकाबले में सिंगापुर की नूर अलीम स्याहिदा को 142-139 से हराया। इस जीत के साथ शीतल ने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया। इससे पहले शीतल ने तोमन कुमार के साथ आज ही कंपाउंड मिश्रित टीम तीरंदाजी स्पर्धा का स्वर्ण जीता था। इसके अलावा पायल नाग के साथ रजत पदक पर कब्जा किया था।

स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला शुरुआत में बेहद करीबी रहा। दस तीर चलने के बाद दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 95-95 से बराबर था। इसके बाद शीतल ने सटीक निशाने लगाते हुए बढ़त बनानी शुरू की। अपने अंतिम पांच तीरों में उन्होंने दो बार 10 अंक और तीन बार नौ अंक हासिल किए।

दूसरी ओर, स्याहिदा अपने अंतिम पांच प्रयासों में चार बार नौ अंक और एक बार आठ अंक ही हासिल कर सकीं। इससे शीतल को तीन अंकों की बढ़त मिली और उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

शीतल ने इस जीत के साथ पिछले एशियाई पैरा खेलों में अपने प्रदर्शन की बराबरी भी की। हांगझोऊ में आयोजित पिछले संस्करण में भी उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। इस बार भी उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय तीरंदाजी को गौरवान्वित किया।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ की रहने वाली शीतल देवी जन्म से ही दोनों हाथों के बिना हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौती को सफलता की राह में बाधा नहीं बनने दिया। वह पैरों और टांगों की मदद से धनुष को संभालती हैं और कंधे तथा जबड़े के सहारे प्रत्यंचा खींचकर निशाना साधती हैं। उनकी असाधारण तकनीक ने उन्हें विश्व तीरंदाजी में विशिष्ट पहचान दिलाई है।

शीतल ने वर्ष 2023 में विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह इस स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली बिना हाथों की दुनिया की पहली महिला तीरंदाज बनीं। उन्हें वर्ष 2023 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्व तीरंदाजी ने उन्हें दो बार वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज भी चुना है। वर्ष 2024 के पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2025 की विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में भी उन्होंने महिला कंपाउंड ओपन स्पर्धा का स्वर्ण और महिला टीम स्पर्धा का रजत पदक हासिल किया। भारत पदक तालिका में 73 पदकों ( 17 स्वर्ण, 22 रजत और 34 कांस्य) के साथ पांचवें स्थान पर है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

764740 Articles

Share this story