एशियन खेल 2026 : भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता रजत, दक्षिण कोरिया ने बरकरार रखा स्वर्ण

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एशियन खेल 2026 : भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता रजत, दक्षिण कोरिया ने बरकरार रखा स्वर्ण


एशियन खेल 2026 : भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता रजत, दक्षिण कोरिया ने बरकरार रखा स्वर्ण


आइची-नागोया, 02 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों में शुक्रवार को रजत पदक अपने नाम किया। नीरज चौहान, यशदीप भोगे और धीरज बोम्मदेवरा की भारतीय तिकड़ी को फाइनल में स्टार खिलाड़ियों से सजी दक्षिण कोरियाई टीम के खिलाफ 1-5 से हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण कोरिया ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया।

फाइनल में दक्षिण कोरिया की ओर से किम जे देओक, किम वूजिन और ली वू सेक ने चुनौती पेश की। पहले सेट में दक्षिण कोरिया ने पहले निशाना साधा। ली ने 8, किम जे देओक ने 10 और किम वूजिन ने 9 अंक हासिल किए। भारत के नीरज ने 9, यशदीप ने 10 और धीरज ने 10 अंक जुटाए।

इसके बाद दक्षिण कोरिया ने 10, 9 और 10 अंक हासिल किए, जबकि भारत की ओर से नीरज ने 10, यशदीप ने 8 और धीरज ने 9 अंक बनाए। दोनों टीमों का स्कोर 56-56 रहा और पहला सेट बराबरी पर छूटा। मुकाबले का स्कोर 1-1 हो गया।

दूसरे सेट में दक्षिण कोरिया ने शानदार प्रदर्शन किया। ली, किम जे देओक और किम वूजिन ने शुरुआत में लगातार 10-10 अंक हासिल किए। भारत की ओर से नीरज, यशदीप और धीरज ने क्रमश: 9, 8 और 8 अंक बनाए।

दूसरे क्रम में दक्षिण कोरिया ने 9, 10 और 8 अंक हासिल किए, जबकि भारत के नीरज ने 8, यशदीप ने 9 और धीरज ने 8 अंक जुटाए। दक्षिण कोरिया ने यह सेट 57-50 से जीतकर मुकाबले में 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।

तीसरे सेट में भारत ने वापसी की कोशिश की और इस बार पहले निशाना साधा। नीरज ने 10, यशदीप ने 9 और धीरज ने 9 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की ओर से ली, किम जे देओक और किम वूजिन ने भी क्रमश: 10, 9 और 9 अंक बनाए। पहली बारी के बाद स्कोर बराबर रहा।

इसके बाद नीरज का एक तीर 7 अंक पर लगा, जबकि यशदीप ने 9 और धीरज ने 10 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की ओर से ली ने 10, किम जे देओक ने 9 और किम वूजिन ने 9 अंक बनाए। दक्षिण कोरिया ने तीसरा सेट 56-54 से जीत लिया और 5-1 की ऐसी बढ़त हासिल कर ली, जिसे भारत पलट नहीं सकता था।

इस जीत के साथ दक्षिण कोरिया ने पिछले संस्करण का अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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