खेलो इंडिया बीच गेम्स और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से डीएनएचडीडी में बीच सॉकर को मिली उड़ान
दीव, 11 जनवरी (हि.स.)। दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव (डीएनएचडीडी) जैसे तटीय और आदिवासी बहुल केंद्र शासित प्रदेश में बीच सॉकर युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। हाल के वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की ओर से की गई लक्षित पहलों ने खेलों के विकास को मजबूती दी है, जिसमें बीच सॉकर को विशेष गति मिली है।
खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 के निदेशक-सह-संयुक्त सचिव (युवा कार्य एवं खेल) अरुण गुप्ता ने बताया कि उभरती प्रतिभाओं के लिए तीनों जिलों में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे बीच सॉकर जैसे खेलों को संस्थागत समर्थन मिल रहा है।
डीएनएचडीडी बीच फुटबॉल टीम के कोच प्रीत भट्ट के अनुसार पिछले तीन वर्षों में इस खेल के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया बीच गेम्स जैसे राष्ट्रीय मंचों ने स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर खुद को परखने का अवसर दिया है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और क्षेत्र में खेल संस्कृति के समग्र विकास में योगदान मिला है।
चयन प्रक्रिया के बारे में भट्ट ने बताया कि खिलाड़ियों को पहले जिला स्तरीय ट्रायल्स के माध्यम से शॉर्टलिस्ट किया जाता है, फिर विशेष प्रशिक्षण और केंद्रित प्रशिक्षण के बाद अंतिम टीम के लिए 12 से 15 खिलाड़ियों का चयन किया जाता है।
भट्ट ने बताया कि अंडर-10, अंडर-12, स्कूल गेम्स और सुब्रतो कप जैसी स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताएं शुरुआती प्रतिभा पहचान और दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं।
केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी आदिवासी आबादी होने के कारण खेल पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को संगठित प्रतिस्पर्धी खेलों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाई है।
पुरुष टीम के कोच भट्ट का मानना है कि मुख्य रूप से स्थानीय कोचिंग सेटअप ने विकास प्रयासों को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कोच खिलाड़ियों की सामाजिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि को बेहतर समझते हैं, जिससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनता है। भट्ट ने आगे कहा कि दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव में बीच सॉकर का भविष्य सकारात्मक है। सुव्यवस्थित चयन प्रणाली, संस्थागत प्रशिक्षण समर्थन और नियमित प्रतियोगिताएं अब मजबूती से स्थापित हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि इन पहलों का प्रभाव राष्ट्रीय मंचों पर प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन में भी दिखाई दिया है। पुरुष वर्ग में टीम ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 15–1 की शानदार जीत दर्ज की, जबकि मजबूत विरोधियों के खिलाफ खेलते हुए भी महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया। इसी तरह डीएनएचडीडी महिला टीम ने भी जुझारूपन दिखाया। परिणाम चाहे जो भी रहे हों, दोनों टीमों ने खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 में उच्च तीव्रता वाली प्रतिस्पर्धा से बहुमूल्य अनुभव अर्जित किया।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह

