खेलों से विकसित होता है अनुशासन और आत्मविश्वास : प्रो. एस के काबिया

WhatsApp Channel Join Now
खेलों से विकसित होता है अनुशासन और आत्मविश्वास : प्रो. एस के काबिया


बैडमिंटन कोर्ट पर खिलाड़ियों का दमखम, आज खिताब के लिए भिड़ेंगे विजेता

राष्ट्रीय खेल दिवस पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता शुरू, महिला-पुरुष वर्ग में हुए रोमांचक मुकाबले

झांसी, 28 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा विभाग में तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के तहत शुक्रवार को बैडमिंटन मुकाबले हुए। विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने कोर्ट पर जमकर पसीना बहाया और जीत के लिए शानदार खेल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले शनिवार को होंगे।

प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि इससे अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और संघर्ष करने की क्षमता विकसित होती है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करने का अवसर भी देता है। खिलाड़ियों को परिणाम की चिंता किए बिना पूरी खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहिए।

इस दौरान डॉ. कन्हैयालाल सोनकर, डॉ. स्वप्ना सक्सेना, डॉ. विनोद बौद्ध, डॉ. यज्ञपाल सिंह, डॉ. रोहित तिवारी, मिस प्रीति श्रीवास और कुण्डेश्वर बाबू मौजूद रहे। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. ज्ञान अरजरिया और डॉ. कृष्णा पांडेय रहे। मंच संचालन आरती वर्मा ने किया। देव कुमार, दिशा राजा, अनामिका गौर, सत्येंद्र साहू, शिवम, विष्णु और पारस ने ऑफिशियल एवं निर्णायक की भूमिका निभाई।

महिला वर्ग में रीवा, अनामिका और काव्या ने मारी बाजी

बैडमिंटन के महिला वर्ग में पहला मुकाबला बीपीएड की रीवा और बीएससी की स्नेहा के बीच हुआ। रीवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्नेहा को 15-5 से पराजित किया। दूसरे मुकाबले में बीपीएड की अनामिका ने दिशा को 15-10 से हराया।

तीसरे मुकाबले में बीपीएड की जोया और बीपीईएस की काव्या आमने-सामने रहीं। कड़े मुकाबले में काव्या ने जोया को 15-11 से शिकस्त देकर अगले दौर में प्रवेश किया।

पुरुष वर्ग में नौसाद का दबदबा

पुरुष वर्ग के मुकाबलों में भी खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया। पहले मुकाबले में बीपीएड के नौसाद खान ने बीपीईएस के शौर्य को 15-1 से हराया। इसके बाद विष्णु ने दीपांशु को 15-7 से पराजित किया। पारस और लकी के बीच हुए मुकाबले में लकी ने 15-9 से जीत दर्ज की।

बीसीए के कृष्णा टंडन और प्रतीक के बीच हुए मुकाबले में प्रतीक ने 15-10 से बाजी मारी। अंतिम मुकाबले में शिवम ने बाबू राजा को 15-7 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।

शनिवार को होंगे सेमीफाइनल और फाइनल

शुक्रवार को हुए सभी मुकाबले सफलतापूर्वक संपन्न हुए। अब शनिवार को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। खिताबी मुकाबले को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है।

मेजर ध्यानचंद का जीवन प्रेरणास्रोत : डॉ. बाबेले

विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बाबेले ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, नियमित अभ्यास और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

Share this story