आयरलैंड ने रचा इतिहास, भारत को 2-0 से हराकर जीती टी-20 सीरीज
बेलफास्ट, 28 जून (हि.स.)। आयरलैंड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए भारत को पहली बार किसी टी-20 श्रृंखला में पराजित कर दिया। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे और अंतिम टी-20 मुकाबले में मेजबान टीम ने भारत को एक रन से हराकर दो मैचों की श्रृंखला 2-0 से अपने नाम कर ली।
इस हार के साथ भारतीय टीम को लगभग तीन वर्ष बाद किसी द्विपक्षीय टी-20 श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, आयरलैंड ने मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ क्लीन स्वीप दर्ज कर अपने क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 154 रन बनाए। टीम की ओर से हैरी टेक्टर ने सबसे अधिक 53 रन की उपयोगी पारी खेली। जबकि बेन कैलिट्ज ने 37 रन का योगदान दिया। भारत की ओर से पदार्पण कर रहे प्रिंस यादव ने प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए।
155 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। दोनों सलामी बल्लेबाज बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को शुरुआती झटके के रूप में गंवाने के बाद भारतीय बल्लेबाजी दबाव में आ गई। ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
मध्यक्रम में तिलक वर्मा ने संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 55 रन बनाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। शिवम दुबे ने भी उपयोगी योगदान दिया, लेकिन बढ़ते रनगति दबाव के कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल सके।
डेब्यू कर रहे सूर्यांश शेडगे बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ सके, जबकि अक्षर पटेल (14 रन) भी तेज रन बनाने में असफल रहे। परिणामस्वरूप अंतिम ओवरों में भारत को जीत के लिए बड़े शॉट्स की आवश्यकता पड़ी।
अंतिम दो ओवरों में भारत को 34 रन की जरूरत थी। हर्षित राणा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए उम्मीद जगाई और 10 गेंदों में 21 रन बनाए। आखिरी ओवर में रोमांच चरम पर पहुंच गया, लेकिन भारतीय टीम लक्ष्य से एक रन पीछे रह गई। अंतिम गेंद पर प्रिंस यादव के छक्के के बावजूद भारत 20 ओवर में नौ विकेट पर 153 रन ही बना सका।
आयरलैंड की ओर से जय मूंदड़ा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मुकाबले में भी पदार्पण का अवसर नहीं मिला।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ आयरलैंड ने यह साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है। दूसरी ओर भारतीय टीम को बल्लेबाजी में निरंतरता और दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन की आवश्यकता महसूस होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

