दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनआरएआई की ओलंपिक चयन नीति को बरकरार रखा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनआरएआई की ओलंपिक चयन नीति को बरकरार रखा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनआरएआई की ओलंपिक चयन नीति को बरकरार रखा


नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) द्वारा बनाई गई 2024 पेरिस ओलंपिक चयन नीति को बरकरार रखा है।

कोर्ट ने यह आदेश एक शूटर द्वारा उसे ओलंपिक चयन ट्रायल में शामिल न किए जाने को लेकर दायर की गई याचिका खारिज होने के बाद सुनाया।

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, एनआरएआई के महासचिव के. सुल्तान सिंह ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, “ओलंपिक खेलों 2024 के लिए हमारी चयन नीति निष्पक्ष, उचित और पारदर्शी है। सभी एथलीटों को उचित मौका दिया गया है। निशानेबाजों के क्वालीफाई करने के लिए पॉलिसी (नीति) अधिक समावेशी है।”

भारतीय निशानेबाजी दल ने 26 जुलाई, 2024 को शुरू होने वाले आगामी पेरिस 2024 खेलों के लिए प्रत्येक राष्ट्र के लिए अधिकतम 24 कोटा में से रिकॉर्ड 21 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किए हैं। जबकि राइफल और पिस्टल में से प्रत्येक ने अधिकतम आठ कोटा हासिल किए हैं। शॉटगन निशानेबाजों ने अब तक का अपना सर्वोच्च पांच कोटा हासिल कर लिया है।

टीम चार ओलंपिक पदकों (एक स्वर्ण सहित) की संख्या में और पदक जोड़ने की कोशिश करेगी जो इस खेल ने अब तक इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता में जीते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ सुनील

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