ग्लासगो में भारतीय बॉक्सरों की चमक, अंकुश-सचिन स्वर्ण विजेता, लवलीना को रजत

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ग्लासगो, 01 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शनिवार को अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के मुक्केबाजी अभियान को नई ऊंचाई दी, जबकि ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं ने महिला 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। इन शानदार प्रदर्शनों की बदौलत भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।

अंकुश पंघाल बने 80 किग्रा वर्ग के चैंपियन

पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने मेजबान इंग्लैंड के शिट्टू डिमेजी को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

पहले राउंड में कुछ जजों के स्कोरकार्ड पर पिछड़ने के बावजूद अंकुश ने दूसरे और तीसरे राउंड में शानदार वापसी की। आक्रामक पंच, सटीक काउंटर अटैक और बेहतरीन रिंग कंट्रोल के दम पर उन्होंने मुकाबले का रुख अपने पक्ष में कर लिया।

तीन जजों ने उन्हें 29-26 से विजेता घोषित किया, जबकि अन्य दो जजों ने 28-27 का फैसला दिया, जिनमें एक अंकुश और एक इंग्लैंड के मुक्केबाज के पक्ष में था।

सचिन सिवाच ने रोमांचक मुकाबले में जीता गोल्ड

पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत के सचिन सिवाच ने नामीबिया के ट्रायअगेन मोर्नी नदेवेलो को बेहद करीबी मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट निर्णय से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

तीनों राउंड में कांटे की टक्कर देखने को मिली। सचिन ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और निर्णायक मौकों पर सटीक पंच लगाकर जजों को प्रभावित किया। अंत में तीन जजों ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला सुनाया, जबकि दो जजों ने नामीबियाई खिलाड़ी को बढ़त दी।

लवलीना को मिला रजत पदक

महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत की स्टार मुक्केबाज और टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ 4-1 के स्प्लिट फैसले से हार का सामना करना पड़ा।

लवलीना ने पूरे मुकाबले में शानदार संघर्ष किया और कई प्रभावी पंच भी लगाए, लेकिन जजों ने ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज की आक्रामकता और रिंग नियंत्रण को अधिक प्रभावी माना। इसके बावजूद लवलीना ने रजत पदक जीतकर भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुक्केबाजी में भारत का दबदबा

शनिवार को भारतीय मुक्केबाजों ने कुल नौ पदक जीते, जिनमें सात स्वर्ण और दो रजत शामिल रहे। स्वर्ण पदक जीतने वालों में अंकुश पंघाल, सचिन सिवाच, अरुंधति चौधरी, प्रिया, साक्षी, प्रीति और जैस्मीन शामिल हैं, जबकि लवलीना बोरगोहाईं और जादूमणि सिंह ने रजत पदक हासिल किए।

इसके अलावा पुरुषों की एफ-57 शॉटपुट स्पर्धा में भारत ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया तथा जूडो में कांस्य पदक भी जीता। इन उपलब्धियों के दम पर भारत ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।

भारत के खाते में अब तक 35 पदक आ चुके हैं, जिनमें 11 स्वर्ण, 16 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। मुक्केबाजी में अभी भी कई भारतीय खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुके हैं, जिससे पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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