चंबल घड़ियाल्स ने जीता एमपीएल टी-20 महिला वर्ग का खिताब, कप्तान वस्त्राकर बोलीं- मेहनत रंग लाई

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चंबल घड़ियाल्स ने जीता एमपीएल टी-20 महिला वर्ग का खिताब, कप्तान वस्त्राकर बोलीं- मेहनत रंग लाई


चंबल घड़ियाल्स ने जीता एमपीएल टी-20 महिला वर्ग का खिताब, कप्तान वस्त्राकर बोलीं- मेहनत रंग लाई


इंदौर, 14 जून (हि.स.)। चंबल घड़ियाल्स ने रोमांच से भरपूर फाइनल मुकाबले में ग्वालियर शेरनीज को 2 रन से हराकर मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) टी-20 सिंधिया कप 2026 के महिला वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला आखिरी गेंद तक चला, जहां नो-बॉल और चौकों-छक्कों से भरपूर नाटकीय अंत ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कप्तान पूजा वस्त्राकर की अगुवाई में चंबल घड़ियाल्स महिला टीम ने पहली बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती।

कप्तान वस्त्राकर ने ट्रॉफी जीतने पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि हमने यह ट्रॉफी जीती। एक टीम के रूप में यह हमारे लिए शानदार टूर्नामेंट रहा। हमने पूरी प्रतियोगिता में लगातार अच्छा क्रिकेट खेला, अपनी योजनाओं पर भरोसा बनाए रखा और फाइनल में हमारी मेहनत रंग लाई।

चंबल घड़ियाल्स के मालिक दिव्यराज सिंह ने कहा कि फाइनल से पहले ही हमें अपनी टीम की गुणवत्ता और संतुलन पर पूरा भरोसा था। खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार क्रिकेट खेला और दबाव के क्षणों में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। मैं पूरी टीम को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं।

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए चंबल घड़ियाल्स महिला टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट पर 146 रन बनाए। टीम को सलामी बल्लेबाज कनिष्का ठाकुर और जिंसी जॉर्ज ने अच्छी शुरुआत दिलाई। कनिष्का ने जहां 37 गेंदों में 50 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली, वहीं जॉर्ज 19 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद राहिला फिरदौस 29 रन, कप्तान पूजा वस्त्राकर 10 रन और वैष्णवी सिंह ने 20 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए।

147 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ग्वालियर शेरनीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही और आशना पाटीदार 10 रन बनाकर जल्दी पवेलियन लौट गईं। इसके बाद कप्तान नुजहत परवीन और ईशाना स्वामी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। ईशाना 22 गेंदों में 29 रन बनाकर खेल रही थीं, लेकिन उनके आउट होने के बाद मैच का रुख बदल गया। सौम्या तिवारी 4 रन और अनादि तगड़े भी 9 रन बनाकर रन आउट हो गईं। ग्वालियर को अंतिम ओवर में जीत के लिए 20 रन की जरूरत थी।

आखिरी ओवर में कप्तान नुजहत ने पहली गेंद पर चौका जड़कर उम्मीदें जगाईं, लेकिन अगली दो डॉट गेंदों ने दबाव बढ़ा दिया। अंतिम गेंद पर मुकाबला और रोमांचक हो गया, जब परवीन ने छक्का लगाया, लेकिन गेंद नो-बॉल करार दी गई। इसके बाद फ्री-हिट पर जीत के लिए 7 रन चाहिए थे। परवीन आखिरी गेंद पर चौका ही लगा सकीं और ग्वालियर शेरनीज की टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर 144 रन बनाकर 2 रन से मुकाबला हार गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह

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