बंगाल छोड़ने का मन बना चुके युवा शूटर अभिनव साव को मिला 25 लाख रुपये का सम्मान

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बंगाल छोड़ने का मन बना चुके युवा शूटर अभिनव साव को मिला 25 लाख रुपये का सम्मान


बंगाल छोड़ने का मन बना चुके युवा शूटर अभिनव साव को मिला 25 लाख रुपये का सम्मान


कोलकाता, 01 सितंबर (हि. स.)। देश और विदेश में कई स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले आसनसोल के युवा शूटर अभिनव साव को आखिरकार अपने ही राज्य में बड़ा सम्मान मिला है। कभी पश्चिम बंगाल से पर्याप्त सहयोग और पहचान नहीं मिलने से निराश होकर दूसरे राज्य से खेलने का विचार बना चुके थे। अभिनव को अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हाथों ‘अटल खेल सम्मान’ के साथ सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

उल्लेखनीय है कि महज 18 वर्ष की उम्र में शूटिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनव साव ने जर्मनी में आयोजित विश्व जूनियर शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस उपलब्धि के दौरान उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। राष्ट्रीय खेलों में भी उनके नाम कांस्य पदक दर्ज है।

अभिनव का कहना है कि विदेशों में पदक जीतने के बावजूद उन्हें अपने राज्य से अपेक्षित सहयोग और पहचान नहीं मिल रही थी। इसी कारण उन्होंने बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की तलाश में अमृतसर के एक कॉलेज में दाखिला लिया था और भविष्य में किसी दूसरे राज्य की ओर से प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर विचार किया था।

लेकिन राज्य सरकार की ओर से मिले आश्वासन और सम्मान के बाद अब उनका फैसला बदल गया है। अभिनव ने कहा कि अपने घर और अपने राज्य से मिलने वाली पहचान का एहसास अलग होता है और अब वह पश्चिम बंगाल के लिए ही खेलना चाहते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले राज्य के नए खेल मंत्री डॉ. इंद्रनील खां ने अभिनव और उनके पिता से बातचीत की थी। इस दौरान सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया गया, जिसके बाद साव परिवार ने बंगाल छोड़ने के विचार को बदल दिया। अभिनव साव फिलहाल जूनियर वर्ग में देश के नंबर-1 और सीनियर वर्ग में छठे स्थान पर हैं। अब उनकी नजर वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर है और वह उसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं।

अभिनव के पिता रूपेश कुमार साव ने कहा कि उनका स्वयं शूटर बनने का सपना आर्थिक अभाव के कारण पूरा नहीं हो सका था। इसलिए बेटे के जन्म के बाद ही उन्होंने उसे एक सफल शूटर बनाने का लक्ष्य तय कर लिया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मिली आर्थिक सहायता से अभिनव को और बेहतर तथा उन्नत प्रशिक्षण मिल सकेगा।

परिवार को उम्मीद है कि आधुनिक प्रशिक्षण और विदेशी कोचों के मार्गदर्शन से अभिनव भविष्य में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे। राज्य सरकार से मिले इस सम्मान के बाद अब युवा शूटर का लक्ष्य ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

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