वंदे मातरम् ने देशभक्ति को राष्ट्रीय कर्तव्य बनाया, सरदार पटेल ने राष्ट्र की एकता की नींव रखी : उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि वंदे मातरम् ने मातृभूमि के प्रति प्रेम को पवित्र राष्ट्रीय कर्तव्य में बदल दिया और इसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान असंख्य सेनानियों को साहस, त्याग और आशा से प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने केवल रियासतों का ही नहीं, बल्कि देशवासियों के दिलों का भी एकीकरण किया और एक राष्ट्र, एक संविधान तथा साझा राष्ट्रीय भविष्य की मजबूत नींव रखी।
उपराष्ट्रपति शुक्रवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी (आईआईएएस), शिमला द्वारा आयोजित ‘वंदे मातरम् की यात्रा’ पर स्थायी प्रदर्शनी के उद्घाटन तथा ‘सरदार पटेल का विजन : एकीकरण, एकजुटता और संघवाद’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को आभासी माध्यम से संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्र चेतना का प्रतीक है। इसने देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाया और स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज भी यह गीत राष्ट्र के प्रति समर्पण, आत्मगौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रेरक स्रोत बना हुआ है।
सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने देशी रियासतों का सफलतापूर्वक विलय कर आधुनिक भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक एकीकरण को साकार किया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत को एक मजबूत और संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि सच्ची देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि ईमानदारी, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण के रूप में प्रतिदिन हमारे आचरण में दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे वंदे मातरम् के शाश्वत संदेश और सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए एक एकजुट, आत्मविश्वासी और समावेशी भारत के निर्माण के लिए अपने संकल्प को और मजबूत करें।
इस अवसर पर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान द्वारा वंदे मातरम् की यात्रा विषयक स्थायी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया तथा सरदार पटेल की राष्ट्र एकता, एकीकरण और भारतीय संघीय व्यवस्था संबंधी दृष्टि पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ भी हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

