पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर विपक्षी दलों ने जताया विरोध

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पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर विपक्षी दलों ने जताया विरोध


नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक्स पोस्ट पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सागरिका घोष ने संसद परिसर से बाहर मीडिया से कहा कि पहले इस्तीफ़ा, फिर चर्चा। हम सदन में नीट पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, लेकिन चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो हम चर्चा नहीं करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा क्यों नहीं देंगे? यह एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल है।

वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह विरोध सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगा। हम सड़कों पर उतरेंगे। हमने तय किया है कि हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े रहेंगे। हम जरा भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें इस्तीफ़ा देना ही होगा।

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि उनके (धर्मेंद्र प्रधान) के कार्यकाल में कितने पेपर लीक हुए, इस पर एक श्वेत पत्र आना चाहिए। कितने लोगों पर मुकदमा चला, कितनों को सजा मिली, कितने जेल गए, कितनों को सज़ा सुनाई गई, अब तक कुछ नहीं हुआ है।

विपक्षी पार्टियों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसद अरुण सिंह ने सांसद जॉन ब्रिटास के हाथों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाला बैनर छीन लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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