नवाचार मंत्र के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ी
नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने देशभर के नवोन्मेषकों और उद्यमियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए अपनी प्रमुख राष्ट्रीय नवाचार पहल ‘नवाचार मंत्र’ के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मंत्रालय ने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने से अधिक संख्या में युवा उद्यमियों और नवोन्मेषकों को अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा।
मंत्रालय के अनुसार, नवाचार मंत्र के आधिकारिक पोर्टल पर अब तक हजारों पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। पंजीकरण अवधि बढ़ाए जाने से देश के विभिन्न हिस्सों से और अधिक नवाचारी विचार सामने आने की उम्मीद है। यह पहल संभावनाशील उद्यमशील विचारों की पहचान, उनके पोषण और उन्हें आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तहत में संचालित इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निजबुड) लागू कर रहा है, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) इसकी ज्ञान साझेदार है। कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को संरचित मार्गदर्शन, विशेषज्ञ सलाह, उद्योग जगत से संपर्क और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई जाती है।
नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस मंच के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञ परामर्श, इनक्यूबेशन सहायता, उद्योग साझेदारी, निवेशकों से संपर्क तथा संस्थागत सहयोग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसका उद्देश्य नवोन्मेषकों को अपने विचारों को परिष्कृत करने, उनकी व्यवहारिकता साबित करने और उन्हें टिकाऊ व्यावसायिक उद्यमों में बदलने में मदद करना है।
मंत्रालय ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता के बीच की दूरी कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल नवाचार आधारित विकास, रोजगार सृजकों को बढ़ावा देने और भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की सरकार की सोच के अनुरूप है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, स्टार्टअप, पेशेवरों और जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों के साथ-साथ टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभागियों को भी शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मंत्रालय ने देशभर के विद्यार्थियों, स्टार्टअप, पेशेवरों, नवोन्मेषकों और इच्छुक उद्यमियों से इस विस्तारित अवसर का लाभ उठाने और अपने विचारों को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने की दिशा में पहला कदम उठाने का आह्वान किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

