चुनाव अधिकारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में घोषणा- शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र का मूल आधार

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नई दिल्ली, 24 फ़रवरी (हि.स.)। चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों (एसईसी) का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इसमें घोषणा की गई कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र का मूल आधार है और कुशल एवं पारदशी तरीके से चुनावों का संचालन लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन का आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उद्घाटन किया। यह सम्मेलन 27 वर्ष बाद आयोजित किया गया। इसमें चुनाव आयोग एवं एसईसी पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों से जुड़े कानूनों तथा संसद एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों से जुड़े कानूनों के बीच तालमेल बिठाने के लिए मिलकर काम करने पर चर्चा की गयी।

चुनाव आयोग की ओर से जारी घोषणा में कहा गया है कि राष्ट्रीय और संवैधानिक हित में आयोग ने सुझाव दिया कि ईसीआईनेट, ईवीएम, मतदाता सूची और आईआईआईडीईएम की विश्वस्तरीय अवंसरचना को साझा करने के साथ-साथ सभी संभावित चुनावी प्रकियाओं के लिए देशभर के सभी राज्य निर्वाचन आयुक्तों के साथ तालमेल स्थापित करके परस्पर स्वीकार्य व्यवस्था और कानूनी रूप से व्यवहार्य ढांचे पर काम किया जाए।

आयोग ने आयुक्तों से आयोग के अंतरराष्ट्रीय कार्यकलापों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया और यह प्रस्ताव रखा कि आयोग के साथ इस प्रकार के गोलमेज सम्मेलन हर साल में एक बार आयोजित किए जाएं जो विशेष रूप से चुनाव आयोग की अध्यक्षता में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के साथ-साथ हों।

आयोग के संबंधित जिला निर्वाचन आयुक्तों के नेतृत्व में कानूनी और तकनीकी अधिकारियों की एक संयुक्त टीम इस सम्मेलन में एसईसी द्वारा दिए गए सभी सुझावों का विस्तृत अध्ययन करेगी। राष्ट्रहित में सर्वोपरि निर्णय लेने के लिए अगले तीन महीनों में राज्य/संघ राज्य-क्षेत्रों के अनुरूप भावी दिशा तय करने के लिए आयोग को प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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