इस्पात, लौह अयस्क और उर्वरक की ढुलाई बढ़ने से फरवरी में रेलवे की फ्रेट आय 14,571 करोड़ रुपये

WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने फरवरी में माल ढुलाई और उससे होने वाली आय में वृद्धि दर्ज की है। इस्पात, लौह अयस्क और उर्वरक जैसे प्रमुख औद्योगिक सामानों की ढुलाई में मजबूत बढ़ोतरी के कारण रेलवे की माल आय फरवरी में बढ़कर 14,571.99 करोड़ रुपये हो गई।

रेल मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल फरवरी में कुल माल ढुलाई 137.72 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष फरवरी के 132.48 मिलियन टन की तुलना में 3.96 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व 14,151.96 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,571.99 करोड़ रुपये हो गया, जो 2.97 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

फरवरी के दौरान माल परिवहन का एक प्रमुख सूचकांक नेट टन किलोमीटर (एनटीकेएम) भी बढ़कर 76,007 मिलियन हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 72,955 मिलियन था। इस प्रकार इसमें 4.18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रेलवे के अनुसार इस वृद्धि में मुख्य भूमिका कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, उर्वरक, सीमेंट और कंटेनर यातायात जैसे प्रमुख क्षेत्रों की रही। दैनिक माल ढुलाई के आंकड़ों में लौह अयस्क की ढुलाई 0.529 मिलियन टन से बढ़कर 0.675 मिलियन टन हो गई, जो 27.6 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह पिग आयरन और तैयार इस्पात की ढुलाई 0.284 मिलियन टन से बढ़कर 0.343 मिलियन टन हो गई, जो 20.8 प्रतिशत अधिक है।

स्टील संयंत्रों के लिए कच्चे माल (लौह अयस्क को छोड़कर) की ढुलाई 46.9 प्रतिशत बढ़कर 0.096 मिलियन टन से 0.141 मिलियन टन हो गई। उर्वरक की ढुलाई 10.2 प्रतिशत बढ़कर 0.167 मिलियन टन से 0.184 मिलियन टन और खनिज तेल की ढुलाई 17.8 प्रतिशत बढ़कर 0.146 मिलियन टन से 0.172 मिलियन टन हो गई। कंटेनर निर्यात-आयात यातायात भी 17.8 प्रतिशत बढ़कर 0.213 मिलियन टन से 0.251 मिलियन टन हो गया।

फरवरी के मासिक आंकड़ों में भी कई वस्तुओं की ढुलाई में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। उर्वरक की ढुलाई 4.224 मिलियन टन से बढ़कर 5.396 मिलियन टन हो गई, जो 27.7 प्रतिशत अधिक है। क्लिंकर की ढुलाई 5.421 मिलियन टन से बढ़कर 6.508 मिलियन टन (20.1 प्रतिशत) और पिग आयरन व तैयार इस्पात की ढुलाई 5.522 मिलियन टन से बढ़कर 6.237 मिलियन टन (12.9 प्रतिशत) रही। लौह अयस्क की ढुलाई भी 9.7 प्रतिशत बढ़कर 14.925 मिलियन टन से 16.370 मिलियन टन हो गई।

चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भी रेलवे के माल ढुलाई प्रदर्शन में वृद्धि बनी हुई है। एक अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के दौरान कुल 1,503.80 मिलियन टन माल ढुलाई की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,456.07 मिलियन टन थी। इस प्रकार इसमें 3.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इस अवधि में माल ढुलाई से रेलवे की कुल आय 1,60,987 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष के 1,58,539.86 करोड़ रुपये की तुलना में 1.54 प्रतिशत अधिक है। वहीं कुल माल परिवहन 840,000 मिलियन नेट टन किलोमीटर रहा, जो पिछले वर्ष के 826,586 मिलियन के मुकाबले 1.62 प्रतिशत अधिक है।

रेलवे के अनुसार क्षमता विस्तार, समर्पित माल गलियारे, बेहतर टर्मिनल अवसंरचना और डिजिटल माल प्रबंधन प्रणाली जैसे उपायों से माल ढुलाई को और अधिक कुशल बनाया जा रहा है, जिससे देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को मजबूती मिल रही है और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Share this story