योगी कैबिनेट निर्णय : लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में विकसित होने वाले 'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी

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1,947 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना हेतु 'मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' चुनी गई प्रेफर्ड बिडर, 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ, 27 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को 5-कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर संपन्न कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक एवं वस्त्रोद्योग परिदृश्य को नई ऊंचाई देने वाले महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट ने भारत सरकार की 'पीएम मित्र योजना' के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ (404.69 हेक्टेयर) भूमि पर विकसित किए जा रहे 'पीएम मित्र मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क' (पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क) के मास्टर डेवलपर चयन हेतु प्राप्त एकल बिड को स्वीकार करते हुए 'मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' को 'प्रेफर्ड बिडर' के रूप में चयनित करने के प्रस्ताव पर अपनी औपचारिक मुहर लगा दी है।

प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल, गारमेंटिंग और फैशन टेक्नोलॉजी का देश में सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में घोषित 7 मेगा टेक्सटाइल पार्कों में उत्तर प्रदेश का यह पार्क सबसे अग्रणी और अत्याधुनिक होगा। 1,947 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली इस विश्वस्तरीय परियोजना में भारत सरकार द्वारा 30 प्रतिशत (अधिकतम 500 करोड़ रुपए) तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस पार्क की स्थापना से न केवल प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निजी निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि लगभग 1 लाख कुशल एवं अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह परियोजना स्थानीय बुनकरों, परिधान निर्माताओं और निर्यातकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने बताया पीएम मित्र पार्क का विकास एवं संचालन भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाले स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) 'पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड' के माध्यम से किया जा रहा है। इस उपक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और भारत सरकार की 49 प्रतिशत अंशधारिता है। योगी सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना हेतु 1,000 एकड़ भूमि मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की टोकन दर पर 99 वर्ष की दीर्घकालिक लीज पर एसपीवी को उपलब्ध करा दी है। परियोजना में पूर्ण प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश के 8 प्रमुख महानगरों में व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसके तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण के उपरांत मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को योग्य पाया गया है। यह परियोजना 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर' (डीबीएफओटी) आधारित पीपीपी मॉडल पर 5 वर्ष के निर्माण काल सहित कुल 50 वर्ष की रियायत अवधि के लिए विकसित की जाएगी।

यह पार्क अत्याधुनिक अवस्थापना और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा। राज्य सरकार द्वारा पार्क तक सुगम आवागमन हेतु छह-लेन सड़क संपर्क, निर्बाध चौबीस घंटे उच्च क्षमता विद्युत आपूर्ति तथा जलापूर्ति की संपूर्ण बाह्य व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। चयनित मास्टर डेवलपर द्वारा पार्क के भीतर आंतरिक सड़कों, विद्युत वितरण नेटवर्क, रेडी-टू-यूज प्लग एंड प्ले फैक्ट्री शेड्स, इनक्यूबेशन सेंटर और कॉमन बॉयलर की स्थापना की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण के कड़े मानकों का पालन करते हुए पार्क में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा, जिससे औद्योगिक अपशिष्ट जल का शत-प्रतिशत शोधन और पुनर्चक्रण संभव होगा। इसके अलावा, परिधान इकाइयों में कार्य करने वाले श्रमिकों, विशेष रूप से महिला कामगारों के लिए सुरक्षित हॉस्टल, आवासीय परिसर, स्वास्थ्य केंद्र, कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान, वेयरहाउसिंग और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण किया जाएगा।

Live VNS Desk
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