योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मिलेगी नई पहचान: मोदी
नई दिल्ली, 04 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ करते हुए कहा कि योग मानवता के लिए भारत का शाश्वत उपहार है, जो मन, शरीर और आत्मा को एकाकार कर अधिक स्वस्थ और सामंजस्यपूर्ण विश्व की प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि अहमदाबाद की धरती से विश्व खेल जगत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने चैंपियनशिप में भाग लेने आए विभिन्न देशों के खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि अहमदाबाद एक यूनेस्को विश्व धरोहर शहर है और इस ऐतिहासिक नगर में इस वैश्विक प्रतियोगिता का आयोजन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मोदी ने कहा कि कुछ दिनों बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, जिसका मुख्य आयोजन इस वर्ष कोलकाता में होगा।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि लगभग एक दशक पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे 190 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ। भारत का उद्देश्य अपनी प्राचीन परंपरा को मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना था।
मोदी ने कहा कि विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप के माध्यम से योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में योगासन अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भी अपना स्थान बनाएगा।
उन्होंने कहा कि हर बड़े खेल के साथ एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होता है, जिससे रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा होते हैं। योगासन खेल के विस्तार से खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इवेंट प्रबंधन से जुड़े पेशेवरों के लिए भी नए अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। आज लोग ऐसे उपायों की तलाश में हैं जो उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखें तथा योग इसके लिए एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से “हर रोज योग, भगाएगा सारे रोग” का संदेश अपनाने का आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आयुष मंत्रालय ने ‘योग 365’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने देशों में लौटकर योग के संदेश के दूत बनें और दुनिया भर में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में चाहे कोई भी विजेता बने, लेकिन इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनकर सभी प्रतिभागी पहले ही चैंपियन बन चुके हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिभा और अनुशासन को विश्व के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई दी तथा प्रथम विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप 2026 के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

