भारत विश्व कौशल प्रतियोगिता में 11 नई कौशल श्रेणियों में पहली बार लेगा हिस्सा

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नई दिल्ली, 09 सितंबर (हि.स.)। भारत 22 से 27 सितंबर तक चीन के शंघाई में आयोजित होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में 11 नई कौशल श्रेणियों में पहली बार हिस्सा लेगा। टीम स्किल इंडिया प्रतियोगिता की 64 में से 63 कौशल श्रेणियों में करीब 70 प्रतिभागियों के साथ भाग लेगी। यह वर्ल्डस्किल्स में भारत के अब तक के सबसे बड़े और विविध प्रतिनिधिमंडलों में से एक होगा।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने बुधवार को बताया कि जिन 11 नई श्रेणियों में भारत पहली बार हिस्सा लेगा, उनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, हेवी व्हीकल टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस शामिल हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इन नई श्रेणियों में भारत की भागीदारी देश के कौशल विकास तंत्र की बढ़ती क्षमता और परिपक्वता को दर्शाती है। भारतीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ उन्नत तकनीक, विशेष सेवाओं, रचनात्मक उद्योगों और अगली पीढ़ी की औद्योगिक क्षमताओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

भारत की भागीदारी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के नेतृत्व में हो रही है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) उद्योग साझेदारों, प्रशिक्षण संस्थानों और क्षेत्र विशेषज्ञों के सहयोग से वर्ल्डस्किल्स की तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है।

एमएसडीई की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि नई कौशल श्रेणियों में भारत की भागीदारी देश के कौशल विकास तंत्र के भविष्य की जरूरतों और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक क्षमताओं की दिशा में बढ़ने को दर्शाती है। मजबूत साझेदारी और कठोर तैयारी के जरिए युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया जा रहा है।

नई श्रेणियां स्वास्थ्य तकनीक, डिजिटल डिजाइन, इंटेलिजेंट सिस्टम, ड्रोन तकनीक, उन्नत विनिर्माण, मोबिलिटी और ग्राहक केंद्रित सेवाओं जैसे भविष्य के रोजगार क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इनके माध्यम से कौशल विकास को वैश्विक उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल क्षेत्रों में अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

इन नई श्रेणियों के लिए तैयारियों में सरकारी टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (जीटीटीसी), कर्नाटक, मेट्रोवुड्स लैंडस्केप, नामटेक गांधीनगर, बेनेट यूनिवर्सिटी, क्रोमा, टाइटन कंपनी लिमिटेड-तनिष्क, शॉपर्स स्टॉप, रिलायंस ट्रेंड्स, सैनी हेवी इंडस्ट्री इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, प्रखर सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और डेनएक्सपर्ट डेंटल लैब समेत कई प्रशिक्षण संस्थान और उद्योग साझेदार सहयोग कर रहे हैं।

वैश्विक कौशल प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन में भी लगातार सुधार हुआ है। वर्ष 2015 में वर्ल्डस्किल्स में भारत 29वें स्थान पर था, जबकि 2024 में उसने 13वां स्थान हासिल किया। वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में भारत एशिया में आठवें स्थान पर रहा और ताइपेई कैपिटल कप 2026 में पांच पदक जीते।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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