चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए डब्ल्यूईएफ खोलेगा 5 नए केंद्र, एक भारत में भी खुलेगा

WhatsApp Channel Join Now
चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए डब्ल्यूईएफ खोलेगा 5 नए केंद्र, एक भारत में भी खुलेगा


दावोस/नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स)। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पांच नए केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है, जिनमें एक भारत के आंध्र प्रदेश में होगा। इसके साथ ही भारत में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी। इससे पहले दो केंद्र मुंबई और तेलंगाना में कार्यरत हैं।

डब्ल्यूईएफ ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए नए केंद्र भारत केअलावा फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थापित किए जाएंगे। इन नए केंद्रों के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (एआई) नवाचार, ऊर्जा बदलाव, साइबर सुरक्षा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां शामिल होंगी। ये केंद्र क्षेत्रीय आवश्‍यकता को ध्यान में रखते हुए वैश्विक संवाद और सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे।

डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी बोर्गे ब्रेंडे ने कहा, ‘चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पांच नए केंद्रों की स्थापना सरकारों, उद्योगों और विशेषज्ञों को साझा तकनीकी चुनौतियों पर एक साथ लाने के महत्व को दर्शाती है।’ ब्रेंडे ने कहा कि स्थानीय और क्षेत्रीय अनुभवों के योगदान से साझेदार देश उभरती प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार विकास के लिए वैश्विक प्रयासों को मजबूत करेंगे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि डब्ल्यूईएफ के साथ यह साझेदारी ऊर्जा सुरक्षा, साइबर लचीलापन, भरोसेमंद डिजिटल प्रणालियों और बड़े पैमाने पर प्रतिभा निर्माण जैसे अहम क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में स्थापित किया जा रहा ‘ऊर्जा एवं साइबर लचीलापन केंद्र’ ऊर्जा बदलाव के लिए नवाचार-आधारित समाधानों को बढ़ावा देगा और विभिन्न उद्योगों में साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि यह केंद्र पायलट परियोजनाओं, परामर्श और ज्ञान साझा कर हरित ऊर्जा प्रणालियों, साइबर सुरक्षा रणनीतियों और कार्यबल विकास से जुड़े समाधान विकसित करेगा। फिलहाल डब्ल्यूईएफ के इस नेटवर्क में अजरबैजान, कोलंबिया, जर्मनी, कोरिया, इज़राइल, मलेशिया, ओमान, कतर, रवांडा, सऊदी अरब, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, यूक्रेन और वियतनाम सहित कई देशों के केंद्र शामिल हैं।

चौथी औद्योगिक क्रांति नेटवर्क एक बहु-हितधारक मंच है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों को साथ लाकर यह सुनिश्चित करना है कि उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास एवं उपयोग से समाज को अधिकतम लाभ हो और जोखिमों को न्यूनतम रखा जा सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Share this story