मदन मित्रा ने भी छोड़ा ममता का साथ, पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

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मदन मित्रा ने भी छोड़ा ममता का साथ, पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा


कोलकाता, 15 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राज्य के पूर्व मंत्री और उत्तर 24 परगना जिले के कामारहाटी से तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इसके बाद वे सीधे पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे और वहां विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के कक्ष में जाकर उनसे मुलाकात की।

बुधवार सुबह मदन मित्रा अपने घर से स्वयं कार चलाकर विधानसभा पहुंचे। विपक्ष के नेता के कक्ष में पहुंचने के बाद में उन्होंने मीडिया के सामने भावुक अंदाज में कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें सही और गलत का फैसला करना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि वे अभी भी तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं और बंगाल की जनता के प्रतिनिधि हैं, लेकिन पार्टी में जो भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां उनके पास थीं, उन सभी से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भविष्य में जब बंगाल के इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब यह भी दर्ज होगा कि एक व्यक्ति की वजह से 213 सीटें जीतने वाली पार्टी का राजनीतिक नुकसान हुआ।

मदन मित्रा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के साथ काम किया और ममता बनर्जी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय समिति के चीफ व्हिप, वर्किंग कमेटी, पार्टी के महासचिव समेत सभी संगठनात्मक पदों से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।

आगामी 21 जुलाई के तृणमूल के शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के सवाल पर मदन मित्रा ने कहा कि वे तृणमूल में थे और तृणमूल में ही हैं, लेकिन अब उन्होंने केवल एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां आराम था, अब उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना है।

हालांकि, मदन मित्रा ने अपने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उनके इस कदम को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

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