जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के मामले में छह साल बाद तृणमूल नेता इमरान हसन गिरफ्तार

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जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के मामले में छह साल बाद तृणमूल नेता इमरान हसन गिरफ्तार


कोलकाता, 05 नवंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर जाते समय 10 दिसंबर, 2020 को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। घटना के लगभग छह साल बाद उस्ती थाने की पुलिस ने बुधवार देर रात देउला से सटे इलाके से तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले तृणमूल के नेता इमरान हसन को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित इमरान मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का युवा तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष था। पुलिस के अनुसार, आरोपित पर केवल नड्डा के काफिले पर हमले का ही आरोप नहीं है, बल्कि चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों को धमक ने, कार्यकर्ताओं पर अत्याचार करने और उनके घरों में तोड़फोड़ करने जैसे कई गंभीर आरोप भी दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस ने हाल ही में एक अन्य आरोपित जहांगीर खान को भी गिरफ्तार किया था और अब इमरान की गिरफ्तारी के बाद जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि इस घटना में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

ज्ञात हो कि, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले भारी राजनीतिक सरगर्मी के बीच जेपी नड्डा जनसभा को संबोधित करने के लिए डायमंड हार्बर जा रहे थे। उनके काफिले में दिलीप घोष सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद थे। इस दौरान डायमंड हार्बर जाने के रास्ते में पहले सरिशा और बाद में फलता इलाके में उनके काफिले पर अचानक ईंट-पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया था। इस अप्रत्याशित हमले में कई नेताओं की गाड़ियों के शीशे टूटे थे और केंद्रीय नेता कैलाश विजयवर्गीय ईंट लगने से घायल हो गए थे। इस घटना ने उस समय राज्य की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया था।

पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में इस घटना को लेकर किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी, लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस पूरे मामले की नए सिरे से जांच के कड़े निर्देश दिए गए। जांच शुरू होने के बाद पुलिस ने सबसे पहले मगराहाट एक नंबर पंचायत समिति के लोक निर्माण कर्माध्यक्ष तौसीफ अहमद मोल्ला उर्फ बच्चू, आरिफ हुसैन और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों से पूछताछ के आधार पर संजीव मंडल और रिपन का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस अब तक इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है और इस सुनियोजित हमले की कड़ियों को जोड़ने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

Livevns.news Desk
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